आत्मनिर्भर भारत पैकेज: शहरी गरीबों के लिए 11,000 करोड़ रुपए की मदद का ऐलान
नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी ने मंगलावर को आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज की घोषणा की। उसके बाद बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई सेक्टर के कई राहत का ऐलान किया। पहले दिन उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को मजबूती देने के लिए पैकेज को विस्तार से बताया। गुरुवार को भी निर्मला सीतारमण ने इस पैकेज से जुड़ी कई घोषणाएं कीं। वित्त मंत्री ने शहरी गरीबों को 11,000 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ के जरिए ये मदद दी जा रही है।

सीतारमण ने कहा कि बेघर लोगों को 3 वक्त खाना दिया जा रहा हैं। उनके लिए पैसे की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि 12000 स्वयं सहायता ग्रुप ने तीन लाख मास्क बनाए। हम प्रवासी मजदूरो का ध्यान रख रहे हैं। न्यूनतम मजदूरी 182 रुपए से बढ़ाकर 202 रुपए प्रतिदिन की गई है। राज्यों को आपदा फंड के इस्तेंमाल को मंजूरी दी गई है। न्यूनतम मजदूरी में बदलाव करेंगे। मजदूरी को लेकर भेदभाव खत्म किया जाएगा। श्रम कानून में सुधार की बात चल रही है। मजदूरों का सालाना स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी।
इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज की कॉन्फेंस प्रवासी श्रमिकों, सड़क के किनारे स्टॉल या रेहड़ी लगाने वालों, छोटे व्यापारियों, स्वरोजगार वालों और छोटे किसानों पर केंद्रित है। वित्त मंत्री ने राहत पैकेज की दूसरी किस्त जारी करते हुए कहा, तीन करोड़ छोटे किसान पहले ही कम ब्याज दर पर चार लाख करोड़ रुपए का कर्ज ले चुके हैं।












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