मिस्टर आमिर, क्या अमेरिका और ब्रिटेन की इस हकीकत से वाकिफ हैं!
नई दिल्ली। कितनी आसानी से बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर खान ने कह दिया कि देश के माहौल में उन्हें असुरक्षा महसूस होती है। वह अपने बच्चे के भविष्य के लिए किसी और देश में जाकर बसना चाहते हैं। लेकिन आमिर ने यह नहीं बताया कि आखिर कौन सा देश उनके लिए मुफीद रहेगा।

यह है विकसित देश का आइना
आज हम आपके सामने एक रिपोर्ट पेश कर रहे हैं जिसमें अमेरिका और ब्रिटेन में बसे मुसलमानों की स्थिति का जिक्र है। यह रिपोर्ट बयां करती है कि जब दुनिया में पेरिस आतंकी हमले जैसा कोई हादसा होता है तो कैसे इन दोनों ही विकसित और आधुनिक ख्यालों वाले देश में क्या हालात होते हैं।
ब्रिटेन
- ब्रिटेन में वर्ष 2011 के आंकड़ों के मुताबिक 2.7 मिलियन मुसलमान आबादी है।
- हाल ही में ब्रिटेन में एक सर्वे कराया गया जो 13 नवंबर को पेरिस में हुए आतंकी हमलों को ध्यान में रखकर हुआ था।
- पेरिस हमलों के बाद ब्रिटेन में बसे मुसलमानों के खिलाफ हेट क्राइम में 300 प्रतिशत का इजाफा।
- 115 हमले 14 वर्ष से 45 वर्ष की लड़कियों और महिलाओं पर।
- इन्होंने बुर्का या फिर पारंपरिक मुसलमान आउटफिट पहना था।
- 15 वर्ष से 35 वर्ष तक गोरे पुरुषों ने इन महिलाओं पर हमला किया था।
- इस रिपोर्ट को टेल मामा नामक एक हेल्पलाइन की ओर से कराया गया था।
- पीड़ितों में से 16 पीड़ितों ने यहां तक कहा कि उन्हें अब अकेले निकलने में डर लगेगा।
- वर्ष 2013 में ब्रिटिश सैनिक ली रिग्बी की हत्या के बाद से मुसलमानों के खिलाफ हालातों में इजाफा।
- ब्रिटेन में एक शब्द इस्लामोफोबिक ट्रेंड में आया।
- जुलाई 2014 से जुलाई 2015 के बीच 816 घटनाओं में मुसलमानों को निशाना बनाया गया।
- वहीं 2013 में यह आंकड़ां 478 था।
- इसी अवधि के दौरान जहां यहूदियों के खिलाफ 499 घटनाएं हुईं।
अमेरिका
- एफबीआई के मुताबिक शरणार्थी संकट के बाद से अमेरिका में मुसलमानों के खिलाफ नफरत के माहौल में इजाफा।
- सभी श्रेणियों में हेट क्राइम्स में गिरावट देखी गई तो वहीं मुसलमानों के खिलाफ अपराध में इजाफा रहा।
- एफबीआई रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2014 में 2013 की तुलना में हेट क्राइम में गिरावट आई।
- यह आंकड़ां 2013 के 5,928 की तुलना में 5,479 पर आ गया।
- 1,092 हेट क्राइम किसी धर्म विशेष भावना के खिलाफ था।
- इनमें सें 16.3 प्रतिशत मुसलमाना के खिलाफ दर्ज अपराध थे।
- मुसलमानों के खिलाफ 154 घटनाएं दर्ज हुईं और 184 पीड़ित सामने आए।
- वहीं 2013 में यह आंकड़ां 135 घटनाओं और 167 पीड़ित तक था।
- सदर्न पॉवर्टी लॉ सेंटर की मानें तो वर्ष 2015 के अंत तक मुसलमानों पर हमले और बढ़ने की आशंका है।
- आईएसआईएस और पेरिस आतंकी हमलों की वजह से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
- ज्यूइस आबादी को अमेरिका में सबसे ज्यादा हेट क्राइम का सामना करना पड़ता है।












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