ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आधार बनेगा एड्रेस और एज का प्रूफ: रविशंकर प्रसाद


रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि...
राज्यसभा के लिए एक लिखित बयान में कानून और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आधार कार्ड को आवेदक द्वारा पता और उम्र के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करने वाले दस्तावेजों की सूची में एक विकल्प के रूप में शामिल किया गया है। प्रसाद ने कहा कि यदि किसी आवेदक के पास आधार कार्ड नहीं है, तो पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, जीवन बीमा पॉलिसी आदि जैसे अन्य वैकल्पिक दस्तावेज जमा करने का प्रावधान है।

आधार कार्ड से जोड़ा जाए लाइसेंस
उन्होंने कहा कि आधार डेटा की सुरक्षा पर उठाए गए चिंताओं का उदाहरण सामने आया है। रक्षा के संबंध में उठाए गए सभी चिंताओं को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने निपटाया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार अब इस तैयारी में है कि ड्राइविंग लाइसेंस को भी आधार कार्ड से जोड़ा जाए। इस आशय की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को 7 फरवरी को केंद्र सरकार की ओर से दी गई थी। न्यायाधीश मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ को यह जानकारी कोर्ट की ओर से सड़क सुरक्षा पर पूर्व न्यायाधीश केएस राधाकृष्णन की अगुवाई वाली कमेटी ने दी थी।

फर्जी लाइसेंसों की खरीद को खत्म करना शामिल
केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई पांच जजों की संवैधानिक पीठ आधार से जुड़े कानून की वैधता पर सुनवाई कर रही है। कमेटी ने दाखिल की गई रिपोर्ट में कहा है कि कुछ मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बीते साल 28 नवंबर को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के संयुक्त सचिव से मीटिंग की थी। इसमें फर्जी लाइसेंसों को खत्म करने का उपाय भी शामिल था।












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