करीब 20 हजार लोगों के आधार नंबर सरकारी वेबसाइट पर हुए लीक
नई दिल्ली। पंजाब सरकार की एक वेबसाइट पर 20 हजार से भी अधिक लोगों के आधार नंबर सार्वजनिक हो गए हैं। यह नंबर उन लोगों के हैं, जिन्होंने लुधियाना और जगरावं में लो-कॉस्ट हाउसिंग के लिए आवेदन किया हुआ है। 12 अंकों के आधार नंबर को सरकारी की अधिकतर सेवाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। आपको बता दें कि आधार नंबर के साथ व्यक्ति की बायोमीट्रिक जानकारी जुड़ी होती है, जिसकी वजह से आधार लीक होने से बड़ा नुकसान भी हो सकता है।

विशेषज्ञों ने आधार से जुड़े खतरे को लेकर चिंता भी जताई है और कहा है कि सरकार के साइबर सिक्योरिटी स्टैंडर्ड काफी कमजोर होने की वजह से निजी जानकारी खतरे में है। वहीं दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में अभी इस बात को लेकर केस चल रहा है कि आधार सिस्टम से लोगों की निजता का हनन तो नहीं हो रहा है।
ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएलएडीए) की वेबसाइट पर करीब 20100 लोगों के आधार नंबर, आधार कार्डधारक का नाम और उसके पिता का नाम सार्वजनिक हो गया है। यह जानकारियां उस लिस्ट में सार्वजनिक हुई हैं, जो सरकार की तरफ से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को घर देने के लिए जारी की गई हैं। लोगों के घर मुहैया कराने की ये मुहिम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चलाई जा रही है।
अभी यह साफ नहीं हो सका है कि यह लिस्ट कब से वेबसाइट पर भी, लेकिन सोमवार को हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा खबर छापे जाने के बाद उस लिस्ट के लिंक को तुरंत ही पेज से हटा लिया गया। आपको बता दें कि आधार एक्ट की धारा 29 (ए) के तहत किसी भी व्यक्ति का आधार नंबर या बायोमीट्रिक जानकारी को कहीं पर छापा नहीं जा सकता है ना ही सार्वजिक रूप से इसे दिखाया जा सकता है।












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