सुप्रीम कोर्ट में 9 राज्यों ने दायर किया हलफनामा, '18+ के लिए मई अंत तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद कम'
नई दिल्ली, 13 मई। भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन की कमी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। गुरुवार को 9 राज्यों ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि मई के अंत वैक्सीन निर्माता कंपनियां वैक्सीन के कोटे को पूरा कर सकेंगी। गौरतलब है कि वैक्सीन की कीमतों का ऐलान होने के बाद राज्यों ने टीका उत्पादक कंपनियों को ऑर्डर देना शुरू कर दिया था लेकिन प्रोडक्शन क्षमता कम होने की वजह से राज्यों को उचित मात्रा में टीका उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

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कोरोना काल में मरीजों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित एक मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, नागालैंड और मणिपुर की सरकार ने शीर्ष अदालत में अपना हलफनामा दायर करते हुए कहा कि मई अंत तक उन्हें वैक्सीन मिलने की संभावन कम है। आपको बता दें कि कोरोना मामलों में उछाल के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्यों को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।
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अब तक 25 राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया है जबकि चंडीगढ़ और लद्दाख के अलावा सिक्किम और उत्तराखंड ने अभी इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया है। सुप्रीम कोर्ट मे यह हलफनामें स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति, ऑक्सीजन की उपलब्धता, दवाओं, टीकाकरण की संख्या, 18-44 आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए आवश्यक खुराक और टीकाकरण मूल्य निर्धारण पर केंद्र की नीति पर राज्यों के दृष्टिकोण को लेकर दायर किए गए हैं। इस मामले पर आज सुनवाई की जानी थी लेकिन लेकिन तीन न्यायाधीशों में से एक जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अनुपस्थिति के चलते सुनवाई स्थगित कर दी गई।












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