मोदी सरकार आठ करोड़ गाय-भैसों की पहचान के लिए जारी करेगी आधार कार्ड
मोदी सरकार ने 88 मिलियिन (आठ करोड़, 80 लाख) गायों और भैसों को यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर जारी करने का फैसला किया है। इसके लिए 148 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे
नई दिल्ली। देश में रहने वाले नागरिकों के लिए आधार कार्ड को कई योजनाओं के लिए जरूरी करने के बाद अब मोदी सरकार पशुओं को भी आधार कार्ड देने जा रही है। केंद्र की मोदी सरकार ने गायों और भैसों की पहचान देने के लिए आधार कार्ड बनाने की योजना बनाई है। इसमें 88 मिलियिन ( आठ करोड़, 80 लाख) दुधारू गायों और भैसों को यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर जारी करने का फैसला किया है। इस योजना पर 148 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

इकॉनमिक्स टाइम्स की खबर के अनुसार, सरकार 88 मिलियन गायों और भैंसों को यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर देगी। इसके लिए पशु के कान में एक टैग के जरिए यूआईडी नंबर सेट किया जाएगा। पशु के कान पर लगाए गए इस नंबर की मदद से उसकी पहचान में आसानी रहेगी, जिससे उसका टीकाकरण आदि सही वक्त पर हो सके। इसके पीछे दूध की पैदावार बढ़ाने को उद्देश्य बताया जा रहा है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वाकांक्षी योजना है।
गाय और भैंस के कान के अंदर पहचान के लिए जो टैग डाला जाएगा, उस पर सरकार को एक पशु के लिए तकरीबन आठ रुपए खर्च करने होंगे। इस टैग के नंबर से एक डाटाबेस तैयार कर पशु मालिक को उससे जुड़ा एक हेल्थ कार्ड दिया जाएगा। जिस हेल्थ कार्ड को दिखाने पर पशु की जानकारी पशु डॉक्टर ऑनलाइन देख लेगा और पता कर लेगा कि पिछला टीका पशु को कब लगा। 148 करोड़ रुपए के अनुमानित खर्च से होने वाले इस काम के लिए सरकार ने साल 2017 के लिए योजना बना ली है और इस पर काम शुरू भी कर दिया है। इस साल (2017) जिन पशुओं को इस यूनिक नंबर से जोड़ा जाएगा उनमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश से 14 लाख और मध्य प्रदेश से 7.5 लाख पशुओं को इस पहचान नंबर दिया जाएगा। भारत में 4 करोड़ दस लाख भैसें और 4 करोड़ 70 लाख गायें हैं, जो दूध देती हैं।
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