7306 पाकिस्तानी और 10 चीनी चाहते हैं भारत की नागरिकता, संसद में गृह मंत्रालय ने बताया डेटा

नई दिल्ली, 22 दिसंबर: पाकिस्तान की काली करतूतें पूरी दुनिया जान गई हैं। साथ ही उसके समर्थित आतंकी संगठनों से वहां की जनता भी परेशान है। जिस वजह से बड़ी संख्या में पाकिस्तानी भारत की नागरिकता चाहते हैं। इसका मुद्दा भी बुधवार को संसद में उठा और सांसद अब्दुल वहाब ने विदेशी लोगों की नागरिकता को लेकर डेटा मांगा। जिस पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विस्तार से इसका जवाब दिया।

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गृह राज्यमंत्री के मुताबिक अभी लंबित आवेदनों में 70 प्रतिशत आवेदन पाकिस्तान से हैं। 14 दिसंबर 2021 तक कुल 10635 लोगों ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था। जिसमें से 7,306 पाकिस्तान से थे। इसके बाद 1152 आवेदन अफगानिस्तान से आए। वहीं श्रीलंका से 428, अमेरिका से 223, नेपाल से 189 और बांग्लादेश से 161 आवेदन प्राप्त हुए हैं। भारत के पड़ोसी देश चीन से आंकड़ा बहुत कम है, वहां से अभी तक 10 ही आवेदन आए हैं।

वैसे तो विदेशी मामलों के लिए विदेश मंत्रालय है, लेकिन जब नागरिकता की बात आती है, तो केंद्रीय गृह मंत्रालय ही जांच के बाद विदेशी लोगों को नागरिकता देता है। गृह मंत्रालय ने संसद को ये भी जानकारी दी कि 2016 से 2020 तक कुल 4177 लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई है। इसमें साल 2016 में 1106, 2017 में 817, 2018 में 628, 2019 में 987 और 2020 में 639 व्यक्तियों को नागरिकता दी गई।

तालिबान भी है प्रमुख वजह
आपको बता दें कि इस साल अगस्त में तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता हथिया ली थी। जिसके बाद बहुत से अल्पसंख्यकों को रेस्क्यू कर भारत लाया गया। वहां पर तालिबान के कहर और पाकिस्तान में आतंकवाद को देखते हुए आवेदनों की संख्या बढ़ रही है।

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