जानिए क्या होगी 5G सर्विस की कीमत ? Jio, Airtel की अक्टूबर से शुरू हो रही है सेवा
नई दिल्ली, 21 सितंबर: 5जी सेवाओं की शुरुआत के लिए दिन गिन रहे उपभोक्ताओं का इंतजार खत्म होने वाला है। कम से कम रिलायंस जियो और भारती एयरटेल अपनी 5जी नेक्स्ट जेनरेशन सेवा अगले महीने से लॉन्च कर रही हैं। उपभोक्ताओं को इस हाई स्पीड नेटवर्क को लेकर कई तरह की चिंताएं भी हैं। मसलन, एक तो आम उपभोक्ताओं के मन में इसके लिए वसूले जाने वाली कीमतों को लेकर आशंकाएं हैं। क्योंकि, पिछले कुछ समय से वैसी ही टेलीकॉम कंपनियों ने कॉल और डेटा की दरें काफी बढ़ा दी हैं। लेकिन, हम यहां एक्सपर्ट और विश्लेषकों के नजरिए से बता रहे हैं कि फिलहाल शायद ये कंपनियां 4जी उपभोक्ताओं से 5जी के लिए ज्यादा पैसे नहीं वसूलने वाली हैं।

फिलहाल 5जी के लिए ज्यादा कीमतें वसूलने की संभावना नहीं-एक्सपर्ट
रिलायंस जियो और भारतीय एयरटेल की 5जी सेवा अक्टूबर से लॉन्च हो रही है। इंडस्ट्री से जुड़े बड़े विश्लेषकों और अधिकारियों का कहना है कि अगले महीने से देश में शुरू हो रही अगली पीढ़ी की वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवा की दरें फिलहाल 4जी की कॉल और डेटा की दरों के आसपास ही रहने की संभावना है। उनका कहना है कि भारत की दोनों बड़ी टेलीकॉम कंपनियां शुरू में 5जी सर्विस के लिए ज्यादा चार्ज वसूलेंगी, ऐसा नहीं लगता। क्योंकि, उनकी शुरू में यही कोशिश होगी कि 4जी यूजर को ही नेक्स्ट जेनरेशन मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवा में अपग्रेड करवाएं। नई सर्विस से यूजर्स को ज्यादा स्पीड मिलेगी; लेकिन साथ में ही ज्यादा डेटा इस्तेमाल होने से कंपनियों को राजस्व में वैसी ही बढ़ोतरी (ऐवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर (एआरपीयू)) देखने को मिल सकती है।

5जी हैंडसेट अभी भी काफी महंगे हैं
इंडस्ट्री से जुड़े विश्लेषकों को लगता है कि जब दोनों कंपनियों के पास 5जी उपभोक्ताओं का शहरी इलाकों में अपना एक आधार तैयार हो जाएगा, जब 4जी और 5जी की गुणवत्ता में स्पष्ट अंतर उन्हें महसूस होने की आदत पड़ जाएगी (स्पीड, वीडियो-ग्रेड मोबाइल ब्रॉडबैंड क्वालिटी और कुछ चीजें जो 4जी में संभव नहीं हैं), तभी वह इन सेवाओं के बदले ज्यादा कीमतें वसूलने की सोचेंगी। हालांकि, एक्सपर्ट का यह भी कहना है कि ऐसी स्थिति जल्द नहीं आने वाली, क्योंकि 5जी हैंडसेट अभी भी काफी महंगे हैं और इसके विकल्प भी काफी सीमित हैं। वैसे भी 5जी सेवाएं शुरू में सीमित क्षेत्रों में ही शुरू हो रही हैं।

'शुरू में कंपनियां 5जी उपभोक्ता बेस बढ़ाने पर जोर देंगी'
ईटी से बातचीत में एनालिसिस मैसन के इंडिया एंड मिडिल ईस्ट हेड रोहन धमीजा ने कहा है, '5जी ऑपरेटरों की ओर से 4जी के मुकाबले शुरू में प्रीमियम दर चार्ज करने की संभावना नहीं है, क्योंकि उनका तात्कालिक लक्ष्य 5जी अपनाने पर होगा, जिसमें उपभोक्ताओं को ज्यादा तेज स्पीड का अनुभव मिलेगा, ज्यादा डेटा इस्तेमाल करेंगे और इसके बदले में एआरपीयू बढ़ेगा। 'वहीं बीएनपी परिबास में इंडिया इक्विटी के हेड कुणाल वोरा ने कहा है कि भारत में 5जी को बहुत बड़ा झटका लग सकता है, यदि नेक्स्ट जेनरेशन वारयलेस ब्रॉडबैंड सेवा के लिए 4जी से ज्यादा कीमत वसूली गई तो।

यूरोप में वापस लेना पड़ा था कदम- एक्सपर्ट
उन्होंने उदाहरण दिया कि यूके और बाकी यूरोपीय बाजारों में कैसे शुरू में ही 4जी के मुकाबले 5जी के लिए ज्यादा चार्ज करना भारी पड़ा था और उसे तत्काल वापस लेना पड़ा। धमीजा के मुताबिक,'5जी को लेकर यूरोप से हाल ही में सीखने के बाद शुरुआती दिनों में भारत की दूरसंचार कंपनियों के इस तरह से बढ़ने की संभावना नहीं है।' गौरतलब है कि एयरटेल और जियो अपनी पहली 5जी सेवा अक्टूबर में लॉन्च कर रही हैं। कैश की तंगी झेल रही वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने अभी यह सेवा लॉन्च करने के बारे में कोई टाइमलाइन नहीं घोषित किया है।

कंपनिया बाद में बढ़ा सकती हैं दरें
5जी शुरुआत में 4जी की तुलना में 30 गुना तेज डेटा स्पीड उपलब्ध कराएगा, क्योंकि नेक्स्ट जेनरेशन के नेटवर्क से क्षमता में 100 गुना वृद्धि मिलने की संभावना है। बिग 3 टेलको के एक बड़े अधिकारी ने कहा है कि 'बड़े शहरी बाजारों के उपभोक्ता भी तब तक ज्यादा कीमतें देने के लिए तैयार नहीं होंगे, जब तक मौजूदा 4जी सेवाओं के मुकाबले 5जी की वैल्यू-ऐड बहुत ही ज्यादा महसूस होगी। ' ईटी के मुताबिक खबर लिखने तक जियो और एयरटेल ने उसके सवालों का उत्तर नहीं दिया था।












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