तब गांवों में नहीं झाड़ पायेंगे स्मार्टफोन का भौकाल!
नई दिल्ली। गांव जाने पर हाथ में जिस स्मार्टफोन को लेकर आप भौकाल मारते फिरते हैं, वह भौकाल अब ज्यादा दिन तक नहीं टिकेगा। जी हां अगर केंद्र सरकार की यह योजना सफल रही, तो आप जिस गांव में जाकर स्मार्ट फोन को लेकर इतराते हैं, 2019 तक उसी गांव के हर घर में स्मार्ट फोन होगा।

टेलीकॉम डिपार्टमेंट की नई योजना के तहत देश के 55,669 गांवों में ब्रॉडबैंड बिछा दिया जायेगा। साथ ही इन गांवों में मोबाइल का अच्छा नेटवर्क पहुंचाने के लिये टावर लगाये जायेंगे। जिस तरह सस्ते और बेहतर क्वालिटी वाले स्मार्टफोन बाजार में आ रहे हैं, उससे साफ है कि 2019 तक इन गांवों के हर घर में स्मार्टफोन होगा और वाई-फाई इंटरनेट कनेक्टीविटी होगी।
योजना से जुड़ी मुख्य बातें
- यह परियोजना शुरू हो चुकी है, जिसके अंतर्गत सितंबर 2017 तक नॉर्थ-ईस्ट में 321 टावर लगाये जाने हैं।
- सितंबर 2017 तक नॉर्थ-ईस्ट के 8621 गांवों में मोबाइल इंटरनेट कनेक्टीविटी पहुंच जायेगी।
- नॉर्थ-ईस्ट के लिये इस मद में 5,336.18 करोड़ रुपए स्वीकृत किये गये हैं।
- नॉर्थ-ईस्ट के दूरस्थ इलाकों में 2199 में से 1517 टावर कार्य करने लगे हैं।
- 25 अप्रैल 2016 तक देश की 48,199 में ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा चुका है।
- 2019 तक देश की ढाई लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर बिछा दिया जायेगा।
- 2019 तक देश के 60 करोड़ ग्रामीण लोगों को बेहतरीन इंटरनेट सुविधाएं मिलने लगेंगी।
- घर-घर में वाई-फाई रूटर लगाने का विकल्प होगा, इससे केबल टीवी भी घरों तक पहुंच सकेगा।












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