चिदंबरम के घर पर CBI की छापेमारी की 5 बड़ी बाते, शीना बोरा की हत्या का भी कनेक्शन
पी चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम के ठिकानों पर छापेमारी की पांच बड़ी बातें, पीटर मुखर्जी का नाम भी आया इस सीबीआई की छापेमारी में
नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ती चिदंबरम के घर पर सीबीाई सुबह से छापेमारी कर रहा है। कार्ती चिदंबरम के चेन्नई स्थित आवास सहित दर्जनों जगहों पर सीबीआई के अधिकारियों ने छापेमारी की। सीबीआई ने इनके खिलाफ विदेश में गलत निवेश करने के आरोप में छापेमारी की है। सीबीआई का आरोप है कि कार्ती चिदंबरम ने कई प्रोजेक्ट शुरु किए थे जिस वक्त उनके पिता पी चिदंबरम मंत्री पद पर थे। लेकिन इन तमाम आरोपों को चिदंबरम और कांग्रेस ने सिरे से खारिज किया है।

पीटर-इंद्राणी मुखर्जी का नाम भी आया सामने
एफआईआर में कार्ती चिंदबरम के नाम के आने के बाद सीबीआई ने 14 जगहों पर छापेमारी की। कार्ती पर आरोप है कि 2008 में मीडिया मुगल पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी की विदेश स्थित कंपनियों में निवेश किया। इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी पर अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या का आरोप है। हालांकि 2009 में इन लोगों ने आईएनएक्स मीडिया को अलविदा कह दिया था।

शीना बोरा हत्याकांड के भी तार जुड़े
सीबीआई सूत्रों की मानें तो वह इस बात की जांच कर रही है कि कार्ती चिदंबरम की कंपनी आईएनएक्स मीडिया के लिए 10 लाख रुपए लिए, जिसे फॉरेन एक्सचेंच के तौर चार करोड़ रुपए दिखाया गया, लेकिन वास्तविकता में यह रकम 305 करोड़ रुपए है। कार्ती चिदंबरम ने 3.5 करोड़ रुपए उन कंपनियों के नाम पर लिए जिनमें उनका शेयर था। सूत्रों की मानें तो आईएएनएक्स मीडिया की डील में कुछ ऐसे भी तथ्य निकलकर सामने आए हैं जिसमें शीना बोरा की हत्या का मामला भी जुड़ा है। जब पीटर और इंद्राणी मुखर्जी के लेनदेन की जांच हुई तो इसमें शीना बोरा की हत्या से जुड़े भी कुछ तथ्य सामने आया है।

एफआईआर में चिदंबरम पर मदद का आरोप
जो एफआईआर दर्ज की गई है उसमें पी चिदंबरम का नाम शामिल नहीं है लेकिन उनकी भागीदारी की बात करती है। हालांकि इस निवेश को बोर्ड ने अपनी सहमति नहीं दी थी लेकिन उस समय के वित्त मंत्री चिदंबरम ने उन्हें अपनी मदद दी। इस पूरे मामले में पी चिदंबरम ने बयान जारी करके कहा था कि इस पूरे प्रकरण में उनके खिलाफ कोई भी आरोप नहीं है। चिदंबरम ने कहा था कि सभी को नियम के तहत मंजूरी दी गई थी।

चिदंबरम ने सरकार पर साधा निशाना
आज हुई छापेमारी के बाद चिदंबरम ने कहा कि सरकार सीबीआई और अन्य संस्थानों को मेरे बेटे और उसके दोस्तों को प्रताड़ित करने के लिए इस्तेमाल कर रही है। सरकार मेरी आवाज को बंद करना चाहती है, वह मुझे लिखने से रोकना चाहती है। सरकार ने पहले भी विपक्षी दलों, नेताओं और पत्रकारों, एनजीओ, सिविल सोसाइटी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की है, लेकिन मैं इसके बाद भी बोलना और लिखना जारी रखुंगा।

केंद्र और कांग्रेस आमने-सामने
वहीं इस पूरे मामले में कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार संस्थानों को चिदंबरम के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है, चिदंबरम हमेशा से ही भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलते रहे हैं। इस तरह की हरकतों से ना तो कांग्रेस और ना ही चिदंबरम डरने वाले हैं। सीबीआई की छापेमारी के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि अपने बेटे के कामों के लिए पी चिदंबरम जिम्मेदार हैं। यहां सवाल यह उठता है कि क्यों चिदंबरम ने एफआईपीबी ने कार्ती चिदंबरम को मदद की। आपको बता दें कि 71 वर्षीय चिदंबरम दो बार देश के वित्त मंत्री रह चुके हैं।












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