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नागपुर के अस्पताल में बड़ी लापरवाही, खून चढ़ाने के बाद थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे पाए गए HIV पॉजिटिव

महाराष्ट्र के नागपुर के अस्पताल में गुरुवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। इससे तीन बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है और एक की जान चली गई।
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नागपुर, 26 मई: महाराष्ट्र के नागपुर के अस्पताल में गुरुवार को बड़ी लापरवाही सामने आई है। इससे तीन बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है और एक की जान चली गई। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को संक्रमित खून चढ़ा दिया गया। जिससे चार बच्चे एचआईवी (HIV) पॉजिटिव पाया गया है।

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    Maharashtra: Nagpur में Thalassemia affected 4 बच्चे हुए HIV पॉजिटिव | वनइंडिया हिंदी
    थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे अस्पताल में भर्ती।
    Photo Credit:

    बताया जा रहा है कि बच्चों थैलेसीमिया नामक बीमारी से पीड़ित थे, उन्हें खून चढ़ाया जाना था। खून चढ़ाने के बाद चार बच्चों में एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के सहायक उप निदेशक डॉ आरके धाकाटे ने कहा कि 4 बच्चे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं, उनमें से एक की मौत हो गई। इसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जांच स्थापित की जाएगी।

    महाराष्ट्र में सबसे अधिक लोग पाए गए एचआईवी

    बता दें कि देश में 2020-21 में कोरोना महामारी के दौरान असुरक्षित यौन संबंध बनाने की वजह से 85 हजार से ज्यादा लोग एचआईवी का शिकार हो गए। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 10,498 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। आरटीआई के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (NACO) ने यह आंकड़ा दिया है।

    लॉकडाउन में बढ़े अधिक मामले

    नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, 2020-21 में 85, 268 लोग असुरक्षित यौन संबंध बनाने के कारण एचआईवी का शिकार हुए। इसमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 10,498 लोग एचआईवी से संक्रमित हुए। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 9,521 एचआईवी की चपेट में आए, तीसरे नंबर पर कर्नाटक में 8,947 लोग इस समयावधि में एचआईवी का शिकार हो गए।

    क्या है एड्स

    दुनियाभर में 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है, इस दिन की शुरुआत साल 1988 में हुई थी। संक्रमित इंसान के संपर्क में आने से फैलने वाला ये 'शैतान', अब तक कई लोगों की जान ले चुका है। 'विश्व एड्स दिवस' मनाने का मुख्य मकसद इस लाइलाज बीमारी के बारे में लोगों की जागरुक करना है। इस बीमारी को नियंत्रित तो किया जा सकता है लेकिन इसका इलाज संभव नहीं है।

    यह भी पढ़ें- अब कंडोम खरीदने में नहीं आएगी शर्म! वेजिटेबल थीम वाले कंडोम आए मार्केट में

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    English summary
    4 thalassemic children tested HIV positive after blood transfusion in Nagpur
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