सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विकास दुबे के एनकाउंटर का मामला, जांच के लिए दायर हुईं 4 याचिकाएं
नई दिल्ली: कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करके फरार हुआ विकास दुबे गुरुवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हुआ। ऐसे में दावा किया जा रहा था कि विकास ने जानबूझकर सरेंडर किया है। इस बीच शुक्रवार सुबह कानपुर वापस आते वक्त पुलिस एनकाउंटर में वो मारा गया। इसके बाद जारी पुलिस के बयान पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही कुछ लोगों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताया है, ताकी विकास से जुड़े सफेदपोश लोगों को बचाया जा सके। इस बीच मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में चार याचिकाएं दायर की गई हैं।

मामले में एक जनहित याचिका वकील अनूप अवस्थी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। जिसमें एनकाउंटर को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। साथ ही मामले की जांच सीबीआई, एनआईए या कोर्ट की निगरानी में गठित विशेष समिति से कराए जाने की मांग की गई है। इसमें विकास के साथियों के भी एनकाउंटर की जांच की मांग की गई है। वहीं मुंबई के वकील घनश्याम उपाध्याय ने भी शुक्रवार को इस संबंध में एक याचिका दायर की है।
विकास दुबे एनकाउंटर में तीसरी याचिका एक एनजीओ ने दाखिल की है। उन्होंने इस एनकाउंटर की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की है, जबकि चौथी याचिका अटल बिहारी दुबे ने दायर की है। एक नजर में देखा जाए तो चारों याचिकाओं में यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही एनकाउंटर की विशेष जांच की मांग की गई है।
एनकाउंटर से पहले भी दायर हुई थी याचिका
दरअसल वकील घनश्याम उपाध्याय ने एनकाउंटर से एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें विकास दुबे के एनकाउंटर की आशंका व्यक्त की गई थी। याचिका में कहा गया कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विकास दुबे ने मध्य प्रदेश जाकर खुद को गिरफ्तार करवाया, ताकी एनकाउंटर से बच सके। ऐसे में यूपी पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। याचिका में मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की गई थी। साथ ही कहा गया कि विकास दुबे के घर और गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने के लिए यूपी पुलिस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कह रही यूपी पुलिस?
यूपी पुलिस के मुताबिक गैंगस्टर विकास दुबे को लेकर कानपुर आ रही एसटीएफ के काफिले की एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस गाड़ी में विकास दुबे भी था, कहा जा रहा है कि इस दौरान विकास दुबे ने एसटीएफ के पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस टीम ने विकास दुबे पर जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में तीन गोली विकास को लगी और वो गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद अस्पताल ले जाते वक्त उसने दम तोड़ दिया।












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