जहरीला खाना खाने से 33 छात्रा बीमार, हॉस्टल के खाने में मरी थी छिपकली, शिकायत की तो वार्डन ने बताया हरी मिर्च
तेलंगाना के एक सरकारी छात्रावास में वॉर्डन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां सोमवार की रात को जहरीला खाना खाने से 33 छात्राओं की तबीयत खराब हो गई है। सभी बीमार छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तेलंगाना, 06 सितंबर: तेलंगाना के एक सरकारी छात्रावास में वॉर्डन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां सोमवार की रात को जहरीला खाना खाने से 33 छात्राओं की तबीयत खराब हो गई है। सभी बीमार छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना राज्य के वारंगल जिले के वर्धन्नापेट स्थित आदिवासी बालिका आश्रम हाई स्कूल के छात्रावास की है।

वॉर्डन ने बताया इसे हरी मिर्च
जानकारी के मुताबिक, छात्राओं को परोसे जाने वाले भोजन में छिपकली मरी हुई थी। इसके बावजूद वॉर्डन ने खाना परोसने के लिए कह दिया। छात्राओं ने शिकातय की तो उन्होंने बताया कि छिपकली नहीं हरी मिर्ची है।

खाना खाते ही उल्टी पेट दर्द शुरू
रात का खाना खाने के बाद लड़कियों को उल्टी, पेट दर्द की शिकायत होने लगी। इसके तुरंत बाद, लड़कियों को वारंगल के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्पेशल वार्ड में कुल 13 छात्रों को भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चियों की हालत स्थिर है।

छात्रा ने बताया खाने में छिपकली मरी थी
अस्पताल में इलाज करा रही एक लड़की ने बताया कि उसने खाने में एक मरी हुई छिपकली देखी और खाना बंद कर दिया। हालांकि उसने प्रभारी को सूचित किया, लेकिन उसने बताया कि यह छिपकली नहीं बल्कि हरी मिर्च है। कुछ मिनट बाद कई छात्रों को उल्टी होने लगी और पेट में दर्द और दस्त की भी शिकायत हुई।

13 छात्रा की हालत गंभीर
कुल 33 छात्राएं बीमार हुईं, उनमें से 13 की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने उन्हें एमजीएम अस्पताल में रेफर कर दिया है। खबर मिलते ही छात्राओं के माता-पिता अस्पताल पहुंचे। इस बीच शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा का केसीआर पर निशाना
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय ने मांग की कि प्रभावित छात्रों को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने दावा किया कि 60 छात्र बीमार हैं। उन्होंने पिछले दो महीनों के दौरान आवासीय स्कूलों में इस तरह की घटनाओं की एक श्रृंखला पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने में विफल रही है।












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