2017 के बाद से सीवर सफाई के दौरान 321 कर्मचारियों की हुई मौत, 259 को मिला मुआवाजा
नई दिल्ली, फरवरी 02। सीवर सफाई के दौरान सफाई कर्मचारियों की मौत की घटनाएं अभी तक देश में मुद्दे के रूप में जरूर परिवर्तित हुई हैं, लेकिन इन घटनाओं को रोकने के लिए अभी तक सरकारों की तरफ से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि 2017 से लेकर अभी सीवर सफाई के दौरान 321 कर्मचारियों की मौत हो गई है। इसमें से 22 लोगों की मौत तो सिर्फ 2021 के अंदर हो गई है।

259 लोगों को दिया गया मुआवजा
ये जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि 2017 से लेकर अब तक जिन 321 लोगों की मौत हुई है, उनमें से 259 लोगों को मुआवजा दिया है। सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में 93 मौतें दर्ज की गईं और 81 लोगों को मुआवजा दिया गया, जबकि 2018 में 70 मौतें दर्ज की गईं और 62 को मुआवजा दिया गया।
2021 में 22 लोगों की हुई मौत
वहीं 2019 में कुल 117 सीवर सफाई कर्मचारियों की मौत हुई, जबकि 80 लोगों को मुआवजा दिया गया। 2020 में 19 मौतों की सूचना मिली और 14 को मुआवजा दिया गया। पिछले साल सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान 22 लोगों की मौत हो गई थी और उन सभी को मुआवजा दिया गया था।












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