बेनामी ऐक्ट लागू होने के बाद 3,500 करोड़ की संपत्ति जब्त

नई दिल्लीः बेनामी संपत्ति लेनदेन प्रतिबंध कानून बनने के बाद देश में 3500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। बता दें, प्रोहिबिशन ऑफ बेनामी प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शंस ऐक्ट को एक नंबर 2016 को लागू किया गया था। इस कानून के लागू होने के बाद आयकर विभाग ने ये कार्रवाई की है। आयकर विभाग ने 900 से ज्यादा मामलो में 3500 करोड़ रुपये से अधिक बेनामी संपत्ति जब्त की है। इसमें 2900 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति है। बता दें, ये आकंड़े दिसंबर 2017 तक के हैं।

3,500 crore in benami assets attached since November 2016: I-T

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में बताया गया है कि जब्त संपत्तियों में प्लॉट, फ्लैट, दुकानें, जेवरात, वाहन, बैंक खातों में जमा धन आदि जमा हैं। बता दें, आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के लेनदेन से लोगों को दूर रहने की चेतावनी देते हुए कहा था कि जो कोई भी इस कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कानून का उल्लंघन करने वालों को सात वर्षों की सजा सुनाई जा सकती है। आयकर विभाग ने मई 2017 में पूरे देश में अपने जांच डायरेक्टरेट्स के तहत 24 डेडिकेटेड बेनामी प्रोहिबिशन यूनिट्स (बीपीयू) तैयार किए थे, ताकि बेनामी संपत्तियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जा सके। आरोप साबित होने पर 7 साल तक की कैद और प्रॉपर्टी की फेयर मार्केट वैल्यू का 25 प्रतिशत तक हिस्सा वसूलने का प्रावधान है।

वित्त मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा है कि बेनामी संपत्ति के 2 अन्य मामलों में पता चला है, जिसमें नोटबंदी के बाद पैसों को ठिकाने लगाने के लिए कंपनी ने अपने कर्मचारियों और सहयोगियों के अलग-अलह बैंक खातों में 39 करोड़ रुपए जमा किए थे और बाद में कंपनी ने पैसों को वापस अपने खातों में ट्रांस्फर करवा लिए।

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