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जम्‍मू कश्‍मीर: तीन दिन में सात जवान शहीद और दो महीने में 26 शहादत, कब थमेगा सिलसिला

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    श्रीनगर। श्रीनगर के करन नगर में सोमवार को शुरू हुई मुठभेड़ 32 घंटे बाद जाकर खत्‍म हुई जब सेना और सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को मार गिराया। जिस समय सुंजवान मिलिट्री कैंप में ऑपरेशन चल रहा था, उस समय श्रीनगर के करन नगर में सीआरपीएफ की 23वीं बटालियन के हेडक्‍वार्टर पर आतंकियों ने हमला बोल दिया। इस हमले में सीआरपीएफ का एक जवान भी शहीद हो गया। इस हमले से पहले सुंजवान हमले में भी सात जवान शहीद हो गए हैं। जम्‍मू कश्‍मीर के उप-मुख्‍यमंत्री निर्मल सिंह की मानें तो सुंजवान आतंकी हमले में शामिल आतंकी दक्षिण कश्‍मीर के त्राल से आए थे न कि पाकिस्‍तान से। वहीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने पाकिस्‍तान को चेतावनी दी है और कहा कि सुंजवान आतंकी हमले का खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। अभी यह सिर्फ साल की शुरुआत है और अब तक 26 जवान शहीद हो चुके हैं। जम्‍मू कश्‍मीर में सेना और सुरक्षाबलों के लिए साल 2018 सबसे खतरनाक साल साबित हो चुका है।

    लगातार बढ़ रहा है आंकड़ा

    लगातार बढ़ रहा है आंकड़ा

    साल 2018 में अब तक सीमा पार से जारी फायरिंग और आतंकी हमलों में करीब 26 जवान शहीद हो चुके हैं। एक दशक में यह पहला मौका है जब किसी साल के शुरुआती दिनों में इतनी जिंदगियां आतंकी हमलों की भेंट चढ़ गई हैं। साल 2007 में इसी तरह के हालात पैदा हुए थे जब सीमा पार से भारी फायरिंग और कई आतंकी हमलों के चलते जनवरी और फरवरी माह में 43 जवान और नागरिकों ने अपनी जान गंवाई थी। सिर्फ इतना ही नहीं दो माह में पाकिस्‍तान की ओर से अब तक 240 बार युद्धविराम तोड़ा जा चुका है। पाकिस्‍तान में मौजूद आतंकी संगठन और इसकी सेनाओं की ओर से लगातार इस तरह के घटनाक्रमों में इजाफा हो रहा है जो कि चिंता का विषय है।

    लगातार बढ़ रहे आतंकी मामले

    लगातार बढ़ रहे आतंकी मामले

    पिछले वर्ष पाकिस्‍तान की ओर से 1,000 ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया गया जो या तो कोई आतंकी हमला था या फिर सीमा पार से जारी फायरिंग। वहीं सेना ने भी आतंकियों पर कार्रवाई करते हुए पिछले वर्ष 213 आतंकियों को मार गिराया। जम्‍मू कश्‍मीर में पिछले दो वर्षों से हिंसा और आतंकवाद का जो दौर जारी है उस पर कई कोशिशों के बाद भी लगाम नहीं लग पा रही है।

    युद्धविराम तोड़ने की घटनाओं में इजाफा

    युद्धविराम तोड़ने की घटनाओं में इजाफा

    घाटी में साल 2015 में युद्धविराम तोड़ने की 152 घटनाएं, साल 2016 में 228 और साल 2017 में 860 घटनाएं हुई थीं। अभी साल 2018 की शुरुआत है और अभी तक पाकि 240 बार युद्धविराम तोड़ा जा चुका है। पाकिस्‍तान में मौजूद आतंकी संगठनों ने घाटी में साल 2015 में 64, साल 2016 में 87 और साल 2017 में 126 युवाओं की भर्ती अपने संगठनों के लिए की थी। सीमा पार से जारी फायरिंग में पिछले वर्ष जहां 400 प्रतिशत इजाफा हुआ तो वहीं आतंकियों की ओर से चलाई गई रिक्रूटमेंट ड्राइव में 70 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

    अब तक कितने शहीद

    अब तक कितने शहीद

    31 दिसंबर 2017
    जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के अवंतिपुरा सेक्टर के लेथपोरा इलाके में सीआरपीएफ के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पर फिदायीन हमला पांच जवान शहीद।
    3 जनवरी 2018
    जम्मू में पाक ओर से फायरिंग में बीएसएफ जवान शहीद।
    6 जनवरी 2018
    सोपोर में आईईडी ब्‍लास्‍ट चार पुलिसकर्मी शहीद कई घायल। हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली।
    13 जनवरी 2018
    सुंदरबनी सेक्टर में सरहद पार से पाकिस्तान की फायरिंग में लांस नायक योगेश मुरलीधर भड़ाने शहीद।
    18 जनवरी 2018
    जम्मू कश्मीर में आर एस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से फायरिंग, बीएसएफ के एक हेड कांस्टेबल शहीद।
    19 जनवरी 2018
    पाकिस्तान की ओर से बॉर्डर पर करीब 40 जगहों पर फायरिंग, बीएसएफ जवान शहीद।
    20 जनवरी 2018
    जम्मू कश्मीर के चार जिलों में आईबी और एलओसी पर भारतीय चौकियों पर फायरिंग और गोलाबारी में दो जवान शहीद।
    4 फरवरी 2018
    पाकिस्तान की ओर से एलओसी पर फायरिंग, चार जवान शहीद हो गए।

    11 फरवरी 2018
    जम्मू के सुंजवान में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले में सेना के 6 जवान शहीद।
    12 फरवरी 2018
    श्रीनगर में करन सेक्टर में सीआरपीएफ कैंप पर हमले की कोशिश हुई, सीआरपीएफ का एक जवान शहीद।

    यह भी पढ़ें-करन नगर आतंकी हमला: 32 घंटे के बाद 2 आतंकी ढेर, एनकाउंटर खत्‍म

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    English summary
    26 soldiers have lost their lives in Jammu Kashmir and its just a beginning of the year.

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