जानिये क्यों 20, 100 और 500 के 227 लाख नोट हुए बेकार
लखनऊ। कैग की ताजा रिपोर्ट की मानें तो आरबीआई की एक गलती की वजह से तकरीबन 227 लाख नोट बेकार हो गये हैं। कैग की रिपोर्ट में बैंक नोट प्रेस देवास ने यह चौंकाने वाला तथ्य सामने रखा है।

दरअसल बीएनसी में लंबे समय तक नोट पर पुराने आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर छपते रहे जिसके चलते इन नोटों की वैद्यता पर सवाल उठ गये हैं। बीएनसी की इस गलती की वजह से तकरीबन 37 करोड़ रुपए का नुकसान उठना पड रहा है। इन 37 करोड़ की लागत वाले नोटों पर वर्तमान गवर्नर की बजाए पुराने गवर्नर के हस्ताक्षर छपते रहे हैं।
बीएनपी देवास ने ये गलत नोट 20, 100 और 500 के छापे हैं। इन नोटों की संख्या 227 लाख है जिसके चलते सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।आरबीआई गवर्नर डी सुब्बाराव के बाद रघुराम को नया गवर्नर नियुक्त किया गया था। नियमों के अनुसार जनवरी 2014 के बाद छपने वाले नोटों पर नये गवर्नर के हस्ताक्षर छपने चाहिए लेकिन देवास ने 25 फरवरी तक पुराने गवर्नर के हस्ताक्षर वाले ही नोट छाप दिेये।
4 सितंबर 2013 से रघुराम राजन को नया गवर्नर नियुक्त किया गया था। राजन के पदभार संभालने के 175 दिन बाद तक इन गलत नोटों की प्रिंटंग होती रही। वहीं आरबीआई ने इन नोटों को स्वीकार करने से मना कर दिया।
वहीं इस मामले में बीएनपी देवास का कहना है कि इन नोटों को खारिज नहीं किया गया है अभी औऱ हम आरबीआई के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कैग की मानें तो इन नोटों को स्वीकार किये जाने की संभावना नगण्य है।












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