अमित शाह के बाद मोदी ने भी नहीं दिया उपेंद्र कुशवाहा को मिलने का समय, क्या तोड़ देंगे गठबंधन?
नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले क्या एनडीए में बिखराव देखने को मिल सकता है? ये सवाल इसलिए उठे हैं क्योंकि एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी जल्द ही गठबंधन से अलग हो सकती है? सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए से अलग होने का मन बना लिया है। खबर ये भी है कि कुशवाहा जल्द ही इस बात का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। दरअसल आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में एनडीए गठबंधन को लेकर सीटों को जो फॉर्मूला सामने आया है उससे उपेंद्र कुशवाहा नाराज हैं। इस संबंध में उन्होंने बीजेपी आलाकमान से मिलने का वक्त भी मांगा था। हालांकि उन्हें मुलाकात का वक्त नहीं मिला। इसी के बाद ऐसे कयास लग रहे हैं कि कुशवाहा जल्द ही एनडीए छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं।

कुशवाहा को नहीं मिला मुलाकात का वक्त?
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी आलाकमान ने तय कर लिया है कि अब उपेंद्र कुशवाहा को अपनी बात रखने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। यही वजह है कि उपेंद्र कुशवाहा ने पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का वक्त मांगा था। हालांकि उन्हें मिलने का समय नहीं मिला। बताया जा रहा है कि सीट शेयरिंग फॉर्मूले में बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा को जितनी सीटें ऑफर की हैं उससे आरएलएसपी अध्यक्ष खुश नहीं हैं।

क्या एनडीए से अलग हो जाएंगे कुशवाहा?
दूसरी ओर एनडीए में शामिल जेडीयू ने भी बीजेपी आलाकमान से साफ कहा है कि उपेंद्र कुशवाहा को अब ज्यादा मौका नहीं दिया जाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बीच उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी से कहा था कि बिहार को लेकर एनडीए में सीटों की संख्या पर 30 नवंबर तक स्थिति अगर साफ नहीं होगी तो उनकी पार्टी आगे की रणनीति फाइनल करेगी। फिलहाल बीजेपी से उन्हें खास तवज्जो नहीं मिलने के बाद अब माना जा रहा कि जल्द ही वो अपना फाइनल फैसला सामने रखेंगे।

कुशवाहा ने मांगा था पीएम मोदी से मुलाकात का समय
सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर 4 और 5 दिसंबर को वाल्मीकिनगर में पार्टी के चिंतन शिविर में इस पर मंथन होगा। इसके बाद 6 दिसंबर को मोतिहारी को होने वाले पार्टी के अधिवेशन में कुशवाहा अपने फैसले का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। पूरे मामले बीजेपी सूत्रों का कहना है कि ये विवाद ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा और जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा, नरेंद्र मोदी सरकार में मानव संसाधन राज्य मंत्री हैं।

एनडीए में जेडीयू के आने से बढ़ी तकरार
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत उस वक्त हुई, जब दिल्ली में अमित शाह ने ऐलान किया कि बिहार में भाजपा और जेडीयू बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इस ऐलान के ठीक बाद उपेंद्र कुशवाहा और तेजस्वी यादव के मुलाकात की तस्वीरें सामने आई। इसके बाद लगातार सियासी खबरें छन-छनकर निकलने लगीं। पिछले दिनों उपेंद्र कुशवाहा ने जब शरद यादव से मुलाकात की तो लोजपा नेता चिराग पासवान ने कहा था कि विपक्षी दलों के नेताओं इस तरह की मुलाकातें ठीक नहीं है। अब माना जा रहा है कुशवाहा 2019 को लेकर जल्द ही कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।












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