2002 गुलबर्ग नरसंहार: 24 दोषी करार, 36 आरोपी हुए बरी
नई दिल्ली। 2002 में गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसाइटी में हुए नरसंहार के मामले में कोर्ट ने 24 लोगों को दोषी करार दिया है। वहीं 36 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोषी करार दिये गये लोगों में 11 हत्या के दोषी पाये गये हैं। दोषियों को 6 जून को सजा सुनाई जाएगी।

इस मामले पर 14 साल बाद फैसला आया है। इस वारदात को 28 फरवरी 2002 को अंजाम दिया गया था, जिसमें करीब 20 हजार दंगाईयों ने गुलबर्ग सोसाइटी पर हमला बोल दिया था। इस सोसाइटी में 10 अपार्टमेंट और 29 बंगले थे। ज्यादातर मुसलमान परिवार रहते थे।
स्पेशल कोर्ट में चल रहे इस मामले में असरवा इलाके के तत्कालीन भाजपा के कॉर्पोरेटर बिपिन पटेल को भी बरी कर दिया है। आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में बनी एसआइटी ने गुलबर्ग सोसायटी मामले में 66 लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में 9 बेल पर थे, जबकि बाकी 14 साल से जेल में हैं। गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड गुजरात दंगों के 10 बड़े दंगों में है।












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