2025 तक देश के हर जिले में खुलेंगे 200 डे केयर कैंसर केंद्र: स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा

स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2025-26 तक देश में 200 डे केयर कैंसर केंद्र खोलने का है, जहां मरीजों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में ऐसे केंद्र देश के सभी जिलों में स्थापित किए जाएंगे। प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के जवाब में नड्डा ने कहा कि सरकार राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करके स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ती, सुलभ और समावेशी बनाने का प्रयास कर रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "हाल के लैंसेट रिपोर्ट के अनुसार, आयुष्मान भारत ने एक बड़ा योगदान दिया है और इस कार्यक्रम के तहत कैंसर की जांच के 30 दिनों के भीतर ही उपचार शुरू हो जाता है।" उनके इस बयान पर सदन में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार तालियां बजाईं। नड्डा ने कहा कि केंद्रीय बजट में हर जिले में डे केयर कैंसर केंद्र खोलने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा, "वर्ष 2025-26 में हम 200 डे केयर कैंसर केंद्र खोलने जा रहे हैं और अगले तीन वर्षों में देश के सभी जिलों में ऐसे केंद्र स्थापित करेंगे।"

नड्डा ने यह भी बताया कि देश में 22 एम्स (AIIMS) हैं, जिनमें पूर्ण विकसित ऑन्कोलॉजी विभाग हैं। साथ ही, सभी केंद्रीय अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए ऑन्कोलॉजी विभाग मौजूद हैं। उन्होंने कहा, "हमारे झज्जर एम्स में देश का सबसे बड़ा 700 बिस्तरों वाला कैंसर केंद्र है, जहां कैंसर के सभी प्रकार के उपचार उपलब्ध हैं।"

एक अन्य प्रश्न के जवाब में नड्डा ने कहा कि गोरखपुर एम्स पूरी तरह से कार्यरत है और इसका आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) तथा इन पेशेंट डिपार्टमेंट (IPD) पूरी क्षमता के साथ चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत बीएचयू के मेडिकल कॉलेज को एम्स जैसे संस्थान में बदला जाएगा। उन्होंने कहा, "इसके लिए बजटिंग भी की जा रही है और हम इसे आगे बढ़ाएंगे।"

स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान से स्पष्ट है कि सरकार कैंसर के इलाज को और अधिक सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। डे केयर कैंसर केंद्रों की स्थापना से मरीजों को उनके नजदीकी स्थानों पर बुनियादी उपचार सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, एम्स जैसे संस्थानों में ऑन्कोलॉजी विभागों का विस्तार कैंसर उपचार की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।

सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अगले कुछ वर्षों में इन केंद्रों के पूरी तरह से चालू होने के बाद देश के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में भी कैंसर उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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