PM मोदी के सत्ता में 20 साल: "गुजरात मॉडल" से "आत्मनिर्भर भारत" तक
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में आए पूरे 20 साल हो गए हैं। आज के ही दिन 20 साल पहले मोदी ने बतौर गुजरात के मु्ख्यमंत्री अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। मोदी 12 साल से ज्यादा वक्त तक गुजरात के सीएम पद पर रहे हैं और अभी वो 7 साल से देश की पीएम की कुर्सी संभाल रहे हैं। गुजरात को संपन्न राज्य बनाने में पीएम मोदी का अहम योगदान रहा है। वहां पर उन्होंने जीत की हैट्रिक पूरी की थी। उनके "गुजरात मॉडल" की दुनिया ने भी तारीफ की थी।

'मास लीडर'
पीएम मोदी को 'मास लीडर' कहा जाता है और उनके नेतृत्व में जिस तरह से भाजपा ने दो बार लोकसभा चुनाव बंपर ढंग से जीते, उससे यह बात पूरी तरह से साबित हो गई कि मोदी आम से लेकर खास लोगों के बीच में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
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जनसेवा के 20 वर्ष
पीएम मोदी के सत्ता में बीस साल पूरे होने पर देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बेहद ही खास ढंग से मोदी को बधाई दी है। अमित शाह ने Tweet किया है कि 'राज्य और केंद्र सरकारों के प्रमुख के तौर पर जनसेवा के 20 वर्ष पूरे करने पर प्रधानमंत्री @narendramodi जी को बधाई देता हूं, मेरा सौभाग्य है कि मुझे @narendramodi जी के नेतृत्व में पहले गुजरात और फिर केंद्र में सरकार व संगठन में काम करने का अवसर मिला।'
'बीजेपी सेवा समर्पण'
'आइए मोदी जी के नेतृत्व में हम सभी देशवासी मिलकर एक सशक्त व आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दें।' #20yearsofSevaSamarpan
विपक्ष ने की पीएम मोदी की आलोचना
आपको बता दें कि पीएम मोदी के सत्ता में 20 साल पूरे होने पर 'बीजेपी सेवा समर्पण' कार्यक्रम चला रही है। हालांकि इन बीस सालों में पीएम मोदी ने अनेक चुनौतियों को पार किया तो वहीं अपने कुछ फैसलों की वजह से वो विपक्ष की कड़ी आलोचना का कारण भी बने। जिसमें 'नोटबंदी', 'जीएसटी', 'आर्टिकल 370', 'कृषि कानून', 'एससी-एसटी एक्ट', 'सीएए' और 'नए कृषि कानून' जैसे फैसले अहम रूप से शामिल हैं लेकिन वो 'एयर स्ट्राइक' जैसे फैसले की वजह से दुनिया में सराहे भी गए।

ट्विटर-फेसबुक पर बेहद लोकप्रिय हैं मोदी
यहां तक कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान जिस तरह से भारत की स्वास्थ्य सेवाएं लाचार अवस्था में सामने आईं, उसने भी विपक्ष को मौका दे दिया पीएम मोदी की आलोचना करने का लेकिन इसके बावजूद जिस तरह से ट्विटर-फेसबुक पर उनके फॉलोअर्स बढ़ें हैं, वो ये बताने के लिए काफी है कि उनकी लोकप्रियता आम लोगों के बीच में कम नहीं हुई है। यहां आपको ये भी बता दें कि लोकप्रिय नेता, उम्दा वक्ता के रूप में पहचान बनाने वाले मोदी भारत के ऐसे पीएम हैं जिनका जन्म भारत की स्वतंत्रता के बाद हुआ है।

शू्न्य से शिखर तक का सफर
उन्होंने शू्न्य से शिखर तक का सफर यूं ही नहीं तय किया है, राह में काफी बाधाएं थीं, जिनका सामना उन्होंने बखूबी किया, 17 सितंबर, 1950 को वडनगर के आम परिवार में जन्मे मोदी ने मात्र 8 साल की उम्र में आरएसएस ज्वाइन किया था। अपने पिता के साथ चाय के स्टॉल पर चाय बेचने वाला बालक कभी देश की सत्ता पर काबिज होगा, ये बात उस वक्त सोचना ही बेमानी था। आज पीएम मोदी को लोग 'विकास पुरुष' कहकर संबोधित करते हैं तो वहीं 'टाइम' उनको विश्व के टॉप प्रतिष्ठित नेताओं में शामिल कर चुका है।

'फैशन आईकॉन'
यही नहीं पीएम मोदी के साथ एक बात और भी जुड़ी हुई है और वो हैं उनका काम के प्रति लगन, बिना छुट्टी लिए काम करने वाले पीएम मोदी एक 'फैशन आईकॉन' भी कहे जाते हैं, उनका पहना हुआ परंपरागत खादी का कुर्ता और गुजराती साफे ने उन्हें युवाओं में भी काफी लोकप्रिय कर दिया है।
'फिटनेस' और 'स्पोर्टस लवर'
तो वहीं पीएम मोदी 'फिटनेस' और 'स्पोर्टस लवर' भी कहे जाते हैं। उनके सत्ता में आने के बाद से ही 'योगा' को एक अंतराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ठ पहचान हासिल हुई, जिसके लिए यूएन ने भी उनकी तारीफ की थी। आज वो और उनकी सेना देश को 'आत्मनिर्भर ' बनाने में जुटी है। इसलिए वो दिन रात देश की अर्थव्यवस्था, देश के बुनियादी ढांचे ,प्रौद्योगिकी, डेमोग्राफी और Vocal for local पर काम कर रहे हैं।












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