पीएम मोदी के 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉज पर जोर
नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जो देश में कोरोना वायरस और उसकी वजह से लागू लॉकडाउन के चलते हुए नुकसान की भरपाई के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है, उसमें उनके मुताबिक जमीन, मजदूर, कैश की तरलता और कानून (land, labor, liquidity and laws) सबकी भरपाई का ख्याल रखा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक यह आर्थिक पैकेज देश के कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, मझोंले उद्योग यानि एमएसएमई के लिए है, जो करोड़ो लोगों की आजीविका का साधन है। उनके मुताबिक ये आत्म निर्भर भारत के मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि ये आर्थिक पैकेज देश के श्रमिक, किसान के लिए जो हर स्थिति में देश के लिए परिश्रम कर रहा है। पीएम के मुताबिक यह पैकेज उस मध्यम वर्ग के लिए है जो ईमानदारी से टैक्स देता है और देश के विकास में अपना योगदान देता है। यह आर्थिक पैकेज उस उद्योग जगत के लिए है जो देश को बुलंदी देने के लिए संकल्पित है। पीएम मोदी ने ये भी बताया कि कल से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आने वाले कुछ दिनों तक इस आर्थिक पैकेज का विस्तार से जानकारी देती रहेंगी।
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इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि दुनिका चार महीने से ज्यादा समय कोरोना वायरस के साथ बीत चुका है। उन्होंने कोरोना से मरने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है और कहा है कि
एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। सारी दुनिया जिंदगी बचाने की जंग में जुटी है। हमने ऐसा संकट न देखा है, न सुना है। मानव जाति के लिए यह अकल्पनीय है। ये क्राइसिस अभूतपूर्व है। लेकिन, थकना, हारना, टूटना या बिखरना मानव को मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि अब हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है। उन्होंने कहा कि यह महामारी भारत के लिए
एक संकेत, एक संदेश और अवसर लेकर भी आई है। पहले यहां एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी, आज भारत में हर रोज 2 लाख पीपीई किट और 2 लाख एन 95 मास्क बनाए जा रहे हैं। भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया। इसी दौरान उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को इस संकट से उबारने के लिए आरबीआई की ओर से पहले घोषित ऐलानों के साथ मिलाकर कुल 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है, जो देश की जीडीपी का करीब 10 प्रतिशत है।












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