दिल्ली में पिछले 24 घंटे में सामने आए 2,683 कोरोना के नए मामले, 27 लोगों की हुई मौत
नई दिल्ली, 1 जनवरी। देश भर में कोरोना की तीसरी लहर से लोग परेशान हैं। कई राज्यों में कोरोना के मरीज बढ़ रहे रहे हैं वहीं दिल्ली में स्थिति पहले से काफी कंट्रोल में हैं। मंगवालर को दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव के 2,683 नए मामले सामने आए वहीं 27 लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रदेश सरकार के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में इस अवधि में 4,837 कोरोना से ठीक हुए। दिल्ली में कोरोना की पॉजिटिव दर 5.09% है। नए मामलों को मिलाकर दिल्ली में कुछ सक्रिय मामले 16,548 हैं।वहीं रविवार को दिल्ली में 3,674 कोविड मामले दर्ज किए गए, जबकि शनिवार को इसकी उेली कोविड केस 4,483 थे।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने गुरुवार को सप्ताहांत कर्फ्यू और शहर में गैर-जरूरी दुकानों को खोलने की सम-विषम प्रणाली को हटाने का फैसला किया था, इसके अलावा रेस्तरां, बार, सिनेमा हॉल और थिएटर को 50% क्षमता के साथ फिर से खोलने की अनुमति दी थी। 29 जनवरी से कोविड की स्थिति में सुधार आया है।
वैक्सीन ही कोरोना से बचाव का एकमात्र तरीका है और जीवन को सुरक्षित करता है। यदि इस बारे में कोई संदेह हैं तो 9 से 12 जनवरी के बीच कोविड -19 के कारण मरने वाले लोगों के टीकाकरण की स्थिति के आंकड़ों पर गौर करिए।
आंकड़ों से पता चलता है कि चार दिनों में वायरल संक्रमण के कारण जिन 97 लोगों की मौत हुई, उनमें से केवल 8 को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगी थी। शेष 89 को या तो एक टीका लगाया गया था या एक भी टीका नहीं लगाया गया था। मृतकों में से उन्नीस को कोविड -19 के खिलाफ टीके की एक खुराक मिली थी, जबकि 70 को बिल्कुल भी टीका नहीं लगाया गया था।
आमतौर पर शरीर को बीमारी का कारण बनने वाले वायरस के खिलाफ सुरक्षा बनाने के लिए पूरी तरह से टीकाकरण के बाद दो सप्ताह लगते हैं। सरकारी रिपोर्ट में यह उल्लेख नहीं है कि मरने वाले वैक्सीनेटेड रोगियों को कब वैक्सीनदी गई।
रिपोर्ट, जिसकी एक प्रति टीओआई के पास है, 97 कोविड -19 रोगियों में से 37 का विवरण देती है, जिनकी मृत्यु 9 से 12 जनवरी के बीच सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई थी।












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