11 साल की पाकिस्तानी लड़की का पीएम मोदी को खत, मोदी ने भी दिया जवाब

11 साल की अकीदत भारत के राजनेताओं की एक खास दोस्त बन चुकी हैं, जिससे सरहदों के तनाव से इतर लगातार वो चिट्ठियों के जरिए बात करते हैं।

नई दिल्ली। पांचवी कक्षा की स्टूडेंट पाकिस्तान की अकीदत नावेद ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर कहा है कि वो दोनों देशों के बीच अमन के लिए अगुवा बनें और इसके लिए कदम उठाएं। अकीदत ने पीएम मोदी के लिए कहा कि आपने भारत के लोगों को दिल भी जीता है और देश के बाद यूपी का इलेक्शन भी जीता है लेकिन आपको और ज्यादा भारतीयों और पाकिस्तानियों के दिल जीतने चाहिएं और दोनों मुल्कों में अमन के लिए आगे आना चाहिए।

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हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, दुनियाभर के नेताओं को अमन कायम करने की अपील करते हुए खत लिखने वाली 11 साल की अकीदत ने पीएम मोदी को लिखे खत में कहा है कि हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की सरकारों को अगर दोनों देशों के हालात सुधारने हैं तो बुलेट की जगह किताबें खरीदने पर ध्यान देना चाहिए। अकीदत ने लिखा है "दोनों देश ये अहद करें कि वो बंदूकें नहीं खरीदेंगे बल्कि अपने-अपने मुल्क के अवाम को फ्री दवाएं और तालीम दिलाएंगे" 13 मार्च की तारीख में लिखे गए दो पेज के इस लेटर में अकीदत ने कहा कि अच्छे रिश्तों में ही दोनों मुल्कों की बेहतरी है।

अकीदत लाहौर के कैथड्रोल स्कूल में पांचवी क्लास जबकि उनके बड़े भाई मोरिख आठवीं क्लास में में पढ़ते हैं। अकीदत को खत लिखने का आइडिया मोरिख ने ही दिया। अकीदत के पिता लाहौर के नेशनल कॉलेज ऑफ आर्ट्स में असिसटेंट प्रोफसर हैं। अकीदत और मोरिख पाक के आर्मी चीफ और पाक पीएम को भी कई मुद्दों पर चिट्ठी लिख चुके हैं और उसका जवाब और सराहना भी पा चुके हैं।

'हम देखना चाहते हैं ताजमहल, भारत के स्टूडेंट देखें लाहौर'
मोरिख ने कहा कि वो और उनकी बहन अकीदत चाहती हैं कि दोनों मुल्कों के लोग एक-दूसरे के मुल्क में जाएं, घूमें और आपस में ज्यादा बातचीत करें। अकीदत ने कहा कि उसकी ख्वाहिश है कि वो ताजमहल देखें, दिल्ली की इमारतें देखें जो कि दोनों देशों की साझा विरासत रही है। वहीं भारत के स्टूडेंट लाहौर आकर देखें कि किस तरह यहां भी दिल्ली की तरह ही जामा मस्जिद और हमारी तहजीब एक जैसी है।

इससे पहले भी दोनों भाई-बहन पीएण मोदी को खत लिख चुके हैं। अकीदत के पिता ने बताया कि पीएम मोदी ने दोनों बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए ग्रीटिंग कार्ड्स भेजे हैं। अकीदत और मोरिख को इस्लामाबाद में भारत के राजदूत गौतम बंबावले ने भी उनके खत का जवाब दिया है। 2016 में शांति का नोबेल पुरस्कार पाने वाले कोलंबिया के राष्ट्रपति जॉन मेनुअल भी अकीदत की अमन के लिए कोशिशों से खुश होकर उनको ग्रीटिंग्स भेज चुके हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सर्जरी के वक्त अकीदत उनके सेहतमंद होने की दुआ करते हुए चिट्ठी लिख चुकी हैं। अकीदत राजनाथ सिंह और बिहार के सीएम नीतीश कुमार को भी चिट्ठी भेज चुकी हैं। 11 साल की अकीदत भारत के राजनेताओं की एक खास दोस्त बन चुकी हैं, जिससे सरहदों के तनाव से इतर लगातार वो चिट्ठियों के जरिए बात करते हैं।

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