विज्ञान कांग्रेस में पीएम मोदी बोले- साइंस के क्षेत्र में भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों में

पांच दिवसीय 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) का आयोजन महाराष्ट्र में राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में हो रहा है।

108 Indian Science Congress pm Modi says India found place among top 10 nations

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने एक्स्ट्रामुरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि, विज्ञान के प्रयास महत्वपूर्ण उपलब्धियों में तभी बदल सकते हैं जब वे प्रयोगशाला से जमीन तक पहुंचें।

पांच दिवसीय 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) का आयोजन महाराष्ट्र में राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में हो रहा है। इस वर्ष के आईएससी का विषय "महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी" है। आईएससी का पिछला संस्करण जनवरी 2020 में बेंगलुरु में हुआ था। वहीं आईएससी का पहला सत्र 1914 में आयोजित किया गया था।

पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें:

1- पीएम मोदी ने कहा कि, भारत को अगले 25 वर्ष में नई ऊंचाइयां हासिल करनी है और इस कार्य में देश के वैज्ञानिक समुदाय को महत्‍वपूर्ण भूमिका निभानी है। विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने दुनिया के दस शीर्ष देशों में अपना स्‍थान बनाया है। वर्ष 2015 तक वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत का 81वां स्‍थान था और वर्ष 2022 में बढ़कर चालीसवां स्‍थान हो गया है। पीएचडी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत शीर्ष तीन देशों में शामिल है।

2- अगले 25 वर्षों में भारत जिस ऊंचाई पर होगा, उसमें भारत की वैज्ञानिक शक्ति की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।

3- इस बार भारतीय विज्ञान कांग्रेस की थीम भी एक ऐसा विषय है जिसकी दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। विश्व का भविष्य सस्टेनेबल डेवलमेंट के साथ ही सुरक्षित है। आपने सस्टेनेबल डेवलमेंट के विषय को वुमन इम्पावरमेंट के साथ जोड़ा है।

4- हमें उन विषयों पर काम करने की जरूरत है जो संपूर्ण मानवता और भारत की बढ़ती जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि वैज्ञानिक समुदाय ऊर्जा आवश्यकताओं के नवाचार की दिशा में काम करता है, तो यह देश की मदद करेगा।

5- विज्ञान के प्रयास तभी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में बदल सकते हैं जब वे 'प्रयोगशाला से जमीन' तक पहुंचें और जब उनका प्रभाव 'वैश्विक स्तर से जमीनी स्तर' तक हो।
जब उसका विस्तार जर्नल्स से लेकर जमीन तक हो,जब उससे बदलाव रिसर्च से होते हुए रियल लाइफ में दिखने लगे।

6- भारत की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए, भारत में साइंस का विकास, हमारे वैज्ञानिक समुदाय की मूल प्रेरणा होनी चाहिए। भारत में साइंस, भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाली होनी चाहिए।

7- अभी भारत को G-20 अध्यक्षता की जिम्मेदारी मिली है। G-20 के प्रमुख विषयों में भी वुमन लीड डेवलपमेंट एक बड़ी प्राथमिकता का विषय है। बीते 8 वर्षों में भारत ने गवर्नेंस से लेकर सोसाइटी और इकोनॉमिक तक इस दिशा में कई ऐसे असाधारण काम किए हैं, जिनकी आज चर्चा हो रही है।

8-आज देश की सोच केवल यह नहीं है कि साइंस के ज़रिए वुमन इम्पावरमेंट करें, बल्कि वुमन की भागीदारी से साइंस का भी इम्पावरमेंट करें। साइंस और रिसर्च को नई गति दें, यह हमारा लक्ष्य है।

9- भारतीय विज्ञान कांग्रेस के साथ-साथ कई अन्‍य कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जायेगा। बच्‍चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सोच विकसित करने के लिए बाल विज्ञान कांग्रेस आयोजित की जायेगी। कृषक विज्ञान कांग्रेस जैव-अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार और युवाओं को कृषि की ओर आकर्षित करने का मंच प्रदान करेगी।

10- भारत के अनुरोध पर, संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को 'अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष' घोषित किया। वाकई यह देश के लिए गर्व की बात है। हम भारतीय बाजरा को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर सकते हैं।

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