क्या है आंध्र प्रदेश का जिन्ना टावर का विवाद, जहां तिरंगे को लेकर गरमाई हुई है राजनीति
क्या है आंध्र प्रदेश का जिन्ना टावर का विवाद, जहां तिरंगे को लेकर गरमाई हुई है राजनीति
हैदराबाद, 3 फरवरी। आंध्र प्रदेश के गुंतूर में जिन्ना टावर को तिंरगे के रंग में रंगने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दरअसल जिस जिन्ना टावर को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था उसी टावर को गुंतूर ईस्ट से वाईएसआरसी विधायक मोहम्मद मुस्तफा ने तिरंगे के रंग में रंगवा दिया है। इस पर वाईएसआरसी और विपक्षी दल भाजपा आमने सामने आ गए हैं। जिन्ना टावर को तिंरंगे के रंग में रंगे जाने को भाजपा ने राष्ट्रविरोधी ताकतों की जीत बताया है।

जिन्ना टावर के नाम में कुछ भी गलत नहीं
वहीं, भाजपा की आलोचना करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस मामले को तूल दे रही है। गुंतूर के मेयर और वाईएसआरसी नेता कवती मनोहर नायडू ने कहा कि टावर के नाम में कुछ भी गलत नहीं है। वहीं गुंतूर ईस्ट से विधायक मोहम्मद मुस्तफा ने कहा, 'जिन्ना टावर के नाम में कुछ भी गलत नहीं है। भाजपा केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए आलोचना कर रही है।' उन्होंने आगे कहा, 'हिंदू और मुस्लिम यहां शांतिपूर्वक रह रहे हैं। हम एक सदेश देना चाहते हैं कि हम सब एक हैं। भाजपा बेवजह मामले को तूल दे रही है।'
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क्या है भाजपा की मांग
बता दें कि गुंतूर के एमजी रोड पर स्थित इस टावर का निर्माण साल 1945 में हुआ था और फिर इसका नाम जिन्ना टावर रख दिया गया। हालांकि भाजपा बार-बार इस टावर का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम करने का आग्रह करती रही है। 26 जनवरी को दक्षिण पंथियों ने इस जगह झंडा फहराने की भी कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसी विवाद के बाद नगर प्रशासन ने जिन्ना टावर को तिरंगे के रंग में रंग दिया। भाजपा ने जिन्ना टावर को तिरंगे के रंग में रंगे जाने को राष्ट्र विरोधी ताकतों की जीत बताया है।












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