Ranjeeta Sharma : UPSC में 5 बार फेल, अब बनीं स्वार्ड ऑफ ऑनर पाने वाली देश की पहली महिला IPS
IPS Ranjeeta Sharma : हरियाणा के गांव की बेटी बनीं स्वार्ड ऑफ ऑनर पाने वाली देश की पहली महिला आईपीएस
हैदराबाद 7 अगस्त। हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों के प्रशिक्षण में एक सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। वो ये है कि एसवीपीएनपीए के इतिहास में पहली बार आईपीएस एसोसिएशन का स्वार्ड ऑफ ऑनर किसी महिला पुलिस अधिकारी मिला है। यह गौरव आईपीएस रंजीता शर्मा को प्राप्त हुआ है।

हरियाणा के गांव में पैदा हुईं रंजीता शर्मा
हरियाणा के एक छोटे से गांव में पैदा हुईं रंजीता शर्मा का आईपीएस बनने का सफर और फिर स्वार्ड ऑफ ऑनर के अलावा सात अन्य श्रेणियों में बाजी मारने की पूरी कहानी प्रेरणादायक है। खासकर उन लोगों के लिए जो एक बार की असफलता के बाद हार मान जाते हैं। फिर कोशिश करना छोड़ देते हैं।

SVPNPA में पासिंग आउट परेड 2021
6 अगस्त को SVPNPA में पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण का 72वां दीक्षांत समारोह 2021 हुआ। इसमें साल 2017, 2018 व 2019 बैच के 144 भारतीय पुलिस सेवा और पड़ोसी देशों के 34 पुलिस अधिकारियों ने अपना दो साल का प्रशिक्षण पूर्ण किया है। अब ये पासिंग आउट परेड 2021 के बाद अपने-अपने कैडर में जाकर ट्रेनी की बजाय नियमित आईपीएस के रूप में ज्वाइन करेंगे।

आईपीएस रंजीता शर्मा का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में 2019 बैच की राजस्थान कैडर की आईपीएस रंजीता शर्मा ने बताया कि उन्हें SVPNPA में 72 आरआर की पासिंग आउट परेड 2021 में आईपीएस एसोसिएशन के स्वार्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया है। यह ऑनर प्रशिक्षण पाने वाले सभी आईपीएस अधिकारियों में से आउटडोर फिजिकल एक्टिविटी के अलग-अलग चरणों में अव्वल रहने वाले आईपीएस को मिलता है।

क्या होता है स्वार्ड ऑफ ऑनर?
आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान मार्शल आर्ट, पीटी, फायरिंग, रूट मार्च में रायफल के अलावा 20 किलो वजन उठाकर 40 किमी तक दौड़ना, स्वीमिंग, हॉर्स राइडिंग आदि में ऑल ओवर अधिक अंक प्राप्त करने वाले को बेस्ट आउटडोर प्रोबेशनर के तौर पर आईपीएस एसोसिएशन का स्वार्ड ऑफ ऑनर मिलता है। SVPNPA के इतिहास में अभी तक पुरुष आईपीएस ही स्वार्ड ऑफ ऑनर पाते आए हैं। साल 2021 में पहली बार बतौर महिला आईपीएस रंजीता शर्मा ने स्वार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त कर परेड को कमांड किया।

आईपीएस रंजीता शर्मा की जीवनी व परिवार
बता दें कि आईपीएस रंजीता शर्मा मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव डहीना की रहने वाली हैं। सतीश कुमार शर्मा व सविता शर्मा के घर 1 नवंबर 1986 को रंजीता का जन्म हुआ। वर्तमान में इनका परिवार हरियाणा के फरीदाबाद में रहता है। इनके दो भाई भानु प्रताप शर्मा व वीर प्रताप शर्मा हैं जो प्राइवेट जॉब करते हैं। रंजीता अपने गांव से पहली आईपीएस हैं। इनके मामा के बेटे आदित्य प्रकाश भारद्वाज आईआरएस अधिकारी हैं।

रंजीता उदयपुर में ट्रेनी एएसपी
रंजीता शर्मा को यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2018 में 130वीं रैंक मिलने के बाद राजस्थान कैडर अलॉट हुआ। राजस्थान की लेकसिटी उदयपुर में बतौर ट्रेनी एएसपी के रूप सेवाएं दे रही थीं। अब पासिंग आउट परेड के बाद वापस राजस्थान लौटने पर इन्हें रेगुलर एएसपी के रूप में पोस्टिंग मिलेगी।

आईपीएस रंजीता शर्मा की यूपीएससी जर्नी
आईपीएस रंजीता शर्मा का यूपीएससी का सफर काफी प्रेरित करने वाला है। इन्हें अपने छठे और आखिरी प्रयास में सफलता मिली। ये लगातार पांच बार असफलत रहीं, मगर हिम्मत नहीं हारी। रंजीता बताती हैं कि साल 2013, 215 व 2017 में प्रारम्भिक परीक्षा भी पास नहीं हुई। साल 2014 व 2016 में प्रारम्भिक व मुख्य परीक्षा पास की, मगर इंटरव्यू में रह गईं और साल 2018 तीनों चरण पास कर आईपीएस बन गईं।












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