राजपूतों के गढ़ हिमाचल में क्या ब्राह्मण नड्डा को सीएम बनाने का रिस्क लेगी भाजपा?
शिमला। हिमाचल में अगला सीएम कौन होगा, इसको लेकर चल रही उहापोह की स्थिति के बीच भले ही केन्द्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मजबूत दावेदार के रूप में उभर कर सामने आ रहे हों लेकिन पिछले इतिहास पर नजर दौड़ायें तो हिमाचल में सीएम की कुर्सी तक राजपूत नेता ही पहुंचते आये हैं। नड्डा ब्राह्मण समुदाय से हैं।

प्रदेश में राजपूत मतदाताओं का दबदबा
प्रदेश में राजपूत मतदाता सर्वाधिक हैं। प्रदेश में करीब 35 प्रतिशत मतदाता राजपूत समुदाय से हैं। उसके बाद ब्राहम्ण समुदाय है जो कि 20 प्रतिशत है। प्रदेश में सर्वाधिक पांच बार राजपूत मुख्यमंत्रियों की सरकार बनी है जबकि भाजपा के एकमात्र ब्राह्मण नेता शांता कुमार ही हैं, जो मुख्यमंत्री बने। कांग्रेस पार्टी से कोई भी ब्राह्मण नेता मुख्यमंत्री नहीं बन पाया है।

धूमल का दांव रहा नाकाम
भाजपा के दो बार मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल राजपूत हैं व उन्हें एक बार फिर भाजपा ने सीएम कैंडिडेट तो बनाया लेकिन वह सुजानपुर से चुनाव हार गये हैं। माना जाता रहा है कि भाजपा ने राजपूत मतदाताओं को रिझाने के लिये ही धूमल पर दांव चला जो नाकाम रहा। इस बदलाव से ब्राह्मण मतदाता धूमल से नाराज हो गये। हलांकि इससे पहले ब्राह्मण नेता केन्द्रीय मंत्री जे पी नड्डा का नाम आगे चल रहा था लेकिन जातिगत समीकरणों को देखते हुये भाजपा नेतृत्व धूमल का नाम आगे करने को मजबूर हुआ।

वीरभद्र रहे बहुमत जुटाने में नाकाम
वहीं, इस बार कांग्रेस ने वीरभद्र सिंह के चेहरे पर चुनाव लड़ा। वीरभद्र सिंह ने अर्की से चुनाव तो जीता लेकिन पार्टी बहुमत नहीं जुटा पाई। वीरभद्र सिंह व प्रेम कुमार धूमल पांचवीं बार सीएम के तौर पर आमने-सामने थे। इससे पहले 1998, 2003, 2007 और 2012 में ये दोनों अपनी-अपनी पार्टी से मैदान में थे। धूमल जहां चुनाव हार कर रेस से बाहर हो गये। वहीं वीरभद्र सिंह बहुमत जुटाने में नाकाम रहे।

जय राम ठाकुर भी सीएम की रेस में
अब सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा राजपूत नेता जय राम ठाकुर को प्रदेश की कमान सौंपेगी, या फिर ब्राह्मण नेता जगत प्रकाश नड्डा को। अगर नड्डा का नाम आगे बढ़ता है, तो उन्हें चुनाव लड़ना पड़ सकता है। माना जा रहा है कि नड्डा के आगे आने की सूरत में बिलासपुर सदर से चुनाव जीते भाजपा के सुभाष ठाकुर अपनी सीट खाली कर देंगे व नड्डा यहां से चुनाव लड़ेंगे।












Click it and Unblock the Notifications