कौन हैं मंडी की SSP सौम्या सांबशिवन, बारिश के कहर में हिमाचल की सुपरकॉप बन कर रही हैं काम
SSP Mandi, Soumya Sambasivan: हिमाचल प्रदेश में इन दिनों बारिश का कहर जारी है। जिला मंडी में भी हालात बहुत भयानक हैं। ऐसे में मंडी की SSP सौम्या सांबशिवन ग्राउंड लेवल पर सबके बीच आकर काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में SSP सौम्या सांबशिवन प्रभावित इलाकों में निवासियों के साथ बातचीत करते और बाढ़ के खतरे के कारण तुरंत घर छोड़ने की गुजारिश करते दिख रही हैं। हालांकि, वह झुग्गियों में रहने वाले 80 लोगों को मंडी के स्थानीय गुरुद्वारों में पहुंचाने में कामयाब रहीं। वो लगतार इस तरह के कामों में बनी हुई हैं।

ऐसे में हिमाचल में सुपरकॉप और लेडी सिंघम के नाम मशहूर SSP सौम्या सांबशिवन फिर से एक बार चर्चाओं में आ गई हैं। 2010 बैच की आईपीएस अधिकारी सौम्या सांबशिवन शिमला की पहली महिला आईपीएस अधिकारी हैं।
अफसर सौम्या सांबशिवन मर्डर मिस्ट्री सॉल्व करने के लिए जानी जाती हैं। इसके अलावा इन्हें महिलाओं के सुरक्षा के लिए भी हिमाचल में कई काम किए हैं।
वो सौम्या सांबशिवन ही थीं, जिन्होंने सिरमौर में महिलाओं को आत्म-सुरक्षा और काली मिर्च से स्प्रे बनाने की ट्रेनिंग दी थी। सेल्फ डिफेंस में पेपर स्प्रे इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग भी सौम्या सांबशिवन ने दी है।
Who is IPS Soumya Sambasivan: कौन हैं IPS सौम्या सांबशिवन
सौम्या सांबशिवन मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं। सौम्या ने अपनी पहली कोशिश में यूपीएसएससी की परीक्षा पास कर ली थी और 2010 बैच की आईपीएस अफसर बनी थीं। सौम्या के पिता इंजीनियर और मां हाउस वाइफ थीं। सौम्या अपनी माता-पिता की इकलौती संतान हैं।
सौम्या ने भारथिअर विश्वविद्यालय, कोयंबटूर से वायो टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है। उसके बाद वह आईसीएफएआई, हैदराबाद से मार्केटिंग और फाइनेंस में पीजीडीबीए की पढ़ाई की है।
अफसर बनने से पहले सौम्या ने मल्टीनेशनल बैंक में भी काम किया है। सौम्या को पहले लेखक बनना था। लेकिन बैंकिंग सेक्टर में नौकरी करते वक्त वह बोर हो गई थीं इसलिए उन्होंने UPSC की तैयारी करने के बारे में सोचा।
सौम्या शिमला जिला की पहली महिला पुलिस अधीक्षक रह चुकी हैं। सौम्या चर्चाओं में तब आईं, जब सिरमौर जिला सिरमौर में बतौर पुलिस अधीक्षक उनका लड़कियों को पेपर स्प्रे बनाने की ट्रेनिंग देने का वीडियो वायरल हुआ। सौम्या सिरमौर में 2 सालों तक थीं, यहां वह अपने अनुशासित और सख्त स्वभाव के कारण लोगों की पसंदीदा थीं।
सौम्या अक्सर अपराधियों के खिलाफ अपनी त्वरित कार्रवाई के लिए सुर्खियों में रहती हैं। सौम्या ने ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ भी कई केस हैंडल किए हैं और कई दोषियों को सफलतापूर्वक सलाखों के पीछे पहुंचाया।
सौम्या ने सिरमौर जिले में अपने कार्यकाल में छह हत्या के मामले भी सुलझाए हैं। उनका नाम राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए भी नामांकित किया गया था।












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