भाजपा के वार से कांग्रेस हलकान, वीरभद्र बोले - अनिल गए, बाली भी जा सकते हैं
शिमला। अनिल शर्मा को अपने खेमे में लाकर भाजपा ने एक ही झटके में जहां सत्तारूढ़ दल कांग्रेस को हलकान कर दिया है। वहीं भाजपा में खलबली का माहौल है। कल तक भाजपा में अपनी टिकट पक्की मानकर चल रहे नेता आज अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। प्रदेश भर की नजरें दिल्ली की ओर हैं व भाजपा की टिकट की सूची का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। इस बीच खबर यह भी है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता परिवहन मंत्री जीएस बाली भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस में खलबली का माहौल है। देखादेखी कई कांग्रेसी भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठे हैं। सीएम वीरभद्र सिंह इस खलबली के माहौल में खासे परेशान दिखाई दे रहे हैं। हलांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक सोमवार को दिल्ली में होनी है लेकिन इससे पहले वीरभद्र समर्थक कुछ नेताओं की चंडीगढ़ में बैठक हुई है।

इस बीच अनिल शर्मा के भाजपा में जाने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पहली प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि अनिल शर्मा एक जूनियर लीडर हैं, उनका बीजेपी में शामिल होना कांग्रेस के लिए कोई झटका नहीं है। कांग्रेस छोड़कर कोई भी जाए या आए इससे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि पंडित सुखराम परिवार पहले भी कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बना चुका है। परिवहन मंत्री जीएस बाली के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर भी वीरभद्र सिंह ने टिप्पणी की। वीरभद्र ने कहा कि बाली के केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ पहले से ही अच्छे संबंध हैं। वो भी जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाली पहले भी कई बार बीजेपी में जाने की बात कह चुके हैं।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस एक या दो दिन में अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर देगी। उन्होंने कांग्रेस की जीत का दावा किया और कहा कि चुनाव में पार्टी में कम से कम 45 सीटें जीतेगी। सोमवार को दिल्ली में राज्य चुनाव समिति की बैठक है। कांग्रेस छोड़कर जा रहे नेताओं के बाद पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। ओक ओवर में सीएम वीरभद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स और हर्ष महाजन के बीच करीब 3 घंटे बैठक चली। इस बैठक में कांग्रेस से नाराज चल रहे नेताओं को मनाने और पार्टी को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। खासतौर पर मंडी में अनिल शर्मा के बीजेपी के शामिल होने पर भी सबने अपनी अपनी राय रखी। सूत्रों के मुताबिक मंडी के नाराज नेताओं को मनाने का जिम्मा स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह को दिया गया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हमें लंबे समय से पता है कि अनिल शर्मा बीजेपी के संपर्क में हैं। मैं ये चाहता था कि वो न जाएं, मगर उनके जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यही नहीं वीरभद्र सिंह ने मंडी की अनदेखी के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया।
कौल ने कहा- अनिल शर्मा ने चाटी मलाई
बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि अनिल शर्मा के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। पूरे पांच साल तक उन्होंने सरकार की मलाई चाटी। उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने वाली है, मगर ऐसा नहीं है। मैं अपने 40 साल के राजनीतिक अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि सरकार कांग्रेस की ही बनेगी। विधानसभा चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस को एक और झटका लगा है। पिछले दो बार से विधानसभा चुनावों में चंबा से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके पवन नैय्यर ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। शनिवार रात को भाजपा राष्ट्रीय हाईकमान के समक्ष पवन नैय्यर ने भाजपा की विधिवत रूप से सदस्यता ग्रहण कर ली है। बता दें कि शनिवार को कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए पंडित सुखराम अपने बेेटे अनिल शर्मा और पोते आश्रय शर्मा के साथ बीजेपी में शामिल हो गए। सुखराम का परिवार कांग्रेस में अपनी अनदेखी से नाराज चल रहा था।












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