कोरोना काल में लोगों पर दर्ज मामले हिमाचल में होंगे रद्द, सुक्खू सरकार ने लिया यह फैसला
कोरोना काल में हिमाचल प्रदेश के लोगों पर दर्ज हुए मामले को हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने इस कदम को राजनीति नहीं, बल्कि मानवीय बताया है।

Himachal CM Sukhvinder Singh Sukhu: कोरोना काल के दौरान हिमाचल प्रदेश में दर्ज हुए मुकदमों का वापस लेने का बड़ा फैसला सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने लिया है। इस बात की जानकारी खुद शिमला में मीडिया से बात करते हुए हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दी। आपको बता दें कि हिमाचल पुलिस ने कोरोना नियमों का उल्लंघन करने पर प्रदेश में ताबड़तोड़ मामले दर्ज किए गए थे, उस वक्त भाजपा का शासन था।
अब सत्ता परिवर्तन होने के बाद कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने कोरोना काल में दर्ज हुए सभी मामलों को वापिस लेने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना नियमों के उल्लंघन के दौरान हिमाचल में बहुत से लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उस वक्त कुछ लोगों रोजगार की तलाश में भटक रहे थे तो कुछ परिवार के लिए राशन और दवाई का इंतजाम करने के लिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जिन लोगों ने नियमों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया वे साधारण लोग थे। उनके क्रियाकलापों में आपाधिक प्रवृत्ति का बोध नहीं था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को राहत प्रदान करने के लिए ही प्रदेश सरकार ने कोविड 19 के दिशा-निर्देशों की अवहेलना को लेकर दर्ज हुए मामले को तुरंत प्रभाव से वापस लेने का निर्णय लिया। कहा कि यह फैसला राजनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय है। कहा कि कोरोना काल में बेसहारा लोगों को सुक्खू सरकार सहारा देगी।
Recommended Video

निराश्रित बेटी की हुई सुनवाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुल्लू की रहने वाली निराश्रित बेटी ने बुधवार देर रात सीएम सुक्खू से मुलाकात की। इस दौरान उसने सीएम से कहा कि वह काफी समय से बालिका आश्रम में रह रही है, जहां रहने के लिए आखिरी उम्र 26 साल ही है। जबकि वो अब 27 साल की हो चुकी है। ऐसे में अब वह कहां रहेगी। सीएम ने उसकी बात सुनकर अधिकारियों को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।












Click it and Unblock the Notifications