• search
हिमाचल प्रदेश न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

अमेरिकी पर्यटकों के लिए तैयार की जा रही है 1857 में बनी ये स्पेशल ट्रेन

|

शिमला। पठानकोट जोगिंदर नगर नैरोगेज रेल लाइन पर आमतौर पर हिमाचल आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग सफर करते हैं। यह रेल लाइन अंग्रेजों के जमाने की नैरोगेज ही है। पठानकोट से लेकर हिमाचल प्रदेश के जोगिंदर नगर तक पूरी नैरोगेज रेल लाइन को चाकचौबंद किया जा रहा है। यह खास तैयारियां किसी राजनेता के आने के लिए नहीं की जा रहीं, बल्कि इस रेल लाइन पर सफर करने के लिए आने वाले अमेरिकी पर्यटकों के स्वागत के लिए इसे तैयार किया जा रहा है।

special train for American tourists built in 1857

अमेरिका से आने वाले विदेशी पर्यटक पहली बार तीन दिनों तक इस रेल लाइन पर 1857 में बने जेड बी-66 स्टीम इंजन पर तीन दिन तक हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की मनोरम वादियों में सैर करेंगे। कांगड़ा घाटी अपनी प्राकृतिक सुदंरता के लिए काफी मशहूर है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अमेरिका से भारत दर्शन के लिए आ रहे पर्यटकों का समूह 17 से 19 नवबंर तक 1857 में बने जेड बी-66 स्टीम इंजन के साथ दो चार्टर्ड कोच में सवार होकर पठानकोट से जोगिंदर नगर के बीच सफर करेगें। इसके लिये बकायदा भारतीय रेलवे में बुकिंग करवाई गई है। आने वाले अमेरिकी पर्यटक नगरोटा से ज्वालामुखी के बीच तीन दिन तक रुकेंगे और कांगड़ा घाटी की धौलाधार की पहाड़ियों से नजारे लेंगे।

special train built in 1857 for American tourists

भारतीय रेलवे ने इस बुकिंग को कन्फर्म भी कर दिया है। बुकिंग के बाद अब फिरोजपुर रेल डिविजन की ओर से इंजन को ट्रैक पर दौड़ाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। रेलवे की ओर से पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल सेक्शन पर चार वाटर कालम (स्टीम इंजन के गर्म होने पर पानी की जरुरत को देखते हुए वाटर प्वाइंट) बनाने के लिए पठानकोट रेलवे को आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के बाद 50 मैट्रिक टन कोयले का भी ऑर्डर कर दिया गया है। अगले महीने कोयला पठानकोट की लोको में आ जाएगा।

special train for American tourists built in 1857

पठानकोट रेलवे के एडीएमई (असिस्टेंट डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर) जितेंद्र सिंह ने कहा कि अमेरिका के पर्यटकों की ओर से दो चार्टर्ड कोचों के साथ नगरोटा से ज्वालामुखी तक के लिए तीन दिन की बुकिंग करवाई है। दिल्ली के टूरिस्ट विजिटर अमित चोपड़ा ने 17 से 19 नवंबर तक की बुकिंग करवा दी है। एक-दो की और बढ़ोतरी भी हो सकती है। पठानकोट रेलवे अधिकारियों की मानें तो नगरोटा और ज्वालामुखी रेल सेक्शन चुनने के पीछे पर्यटकों का तर्क यह है कि नैरोगेज सेक्शन के बीच यही एक ऐसा एरिया है जहां से धौलाधार की हसीन वादियों का नजारा देखा जा सकता है।

इसके बाद रेलवे ने प्रतापगढ़ की लोको में खड़े जेड बी- 66 स्टीम इंजन को 2002 में पठानकोट की वर्कशॉप में भेजा था। पठानकोट के एडीएमई जितेंद्र सिंह के प्रयासों से इंजन को इस वर्ष फिटनेस सर्टिफिकेट भी मिल गया है।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

lok-sabha-home

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
special train built in 1857 for American tourists
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more