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Shimla Mosque Dispute: शिमला मस्जिद विवाद को लेकर तनाव, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

Shimla Mosque Dispute: शिमला के संजौली क्षेत्र में एक अनधिकृत मस्जिद को लेकर हाल ही में विवाद बढ़ गया है। इस विवाद के चलते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।

हिमाचल प्रदेश के डीजीपी अतुल वर्मा ने सोमवार को बताया कि शिमला में स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

shimla mosque controversy

पुलिस की तैयारी और निगरानी
डीजीपी अतुल वर्मा ने मीडियाकर्मियों को बताया कि शिमला जिला प्रशासन, नगर निगम, और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य विभाग इस विवादित स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मस्जिद को गिराने की मांग करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

वर्मा ने यह भी कहा कि पुलिस असामाजिक तत्वों पर नजर रख रही है और खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है। उनका कहना था कि किसी भी प्रकार के कानून के उल्लंघन की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के तहत किसी को भी अपने तरीके से न्याय करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विवाद और विरोध प्रदर्शन
गुरुवार को हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों ने शिमला विधानसभा और संजौली के पास चौरा मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। इन संगठनों ने मांग की कि संजौली में बनी अवैध मस्जिद को ध्वस्त किया जाए। हिंदू जागरण मंच के हिमाचल इकाई के अध्यक्ष कमल गौतम ने कहा कि उनकी मांग केवल मस्जिद को गिराने की नहीं, बल्कि अन्य अवैध संरचनाओं को भी खत्म करने की है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने विवाद पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों और निवासियों के समान अधिकार हैं, और शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति है। लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शांति बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।

ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनाई गई है और यह मामला पिछले 14 साल से न्यायालय में विचाराधीन है। सिंह ने स्पष्ट किया कि यह विवाद धार्मिक नहीं, बल्कि कानूनी है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आश्वासन दिया कि अतिक्रमणकारियों से सख्ती से निपटा जाएगा और किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

विपक्ष का क्या कहना है ?
भाजपा के नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा धार्मिक से अधिक कानूनी है। ठाकुर ने जोर दिया कि अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि राज्य में शांति और भाईचारा बनाए रखे। साथ ही, बाहरी लोगों की पहचान को सत्यापित करने के महत्व पर भी जोर दिया।

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