हिमाचल चुनाव में सीएम उम्मीदवार न उतारने के पीछे भाजपा की क्या है रणनीति?
शिमला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज एक बार फिर स्पष्ट किया कि भाजपा हिमाचल में मुख्यमंत्री का चेहरा चुनावों से पहले स्पष्ट नहीं करेगी। यह सब एक रणनिति के तहत ही किया जा रहा है। पार्टी के लिए चेहरा नहीं बहुमत के साथ प्रत्याशियों की जीत महत्वपूर्ण है। शिमला में पत्रकारों को संबोधित करते हुये नड्डा ने कहा कि पहले भी भाजपा कई राज्यों में बिना किसी मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के चुनाव मैदान में उतरी है। ऐसा करना भाजपा के संसदीय बोर्ड की रणनीति का हिस्सा है। हर राज्य की परिस्थितियों के हिसाब से अलग स्ट्रेटेजी बनाई जाती है। ऐसा ही हिमाचल में हुआ है। चुनावों के बाद संसदीय बोर्ड पी मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह व चुने हुए विधायक तय करेंगे कि हिमाचल की कमान किसके पास रहेगी।

खुद पर लग रहे आरोपों की जांच कराएगी भाजपा
भ्रष्टाचार के मामले पर भाजपा पर उठ रही उंगलियों पर पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी चार्जशीट में लगाए गए आरोपों की जांच कराएगी। पूर्व मंत्री व भाजपा प्रत्याशी अनिल शर्मा का नाम भी चार्जशीट में होने के सवाल पर नड्डा ने कहा कि सभी बारीकियों को जांच परख कर देखेंगे। उसके बाद ही तय किया जाएगा कि जांच के लिए भेजा जाए या नहीं।

विकास को देंगे नया आयाम
नड्डा ने कहा कि लोग वर्तमान कांग्रेस सरकार से दुखी हैं। मतदाता प्रदेश सरकार को उखाड़ कर हिमाचल में विकास की रफ्तार को नया आयाम देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुद्दाविहीन पार्टी है, जबकि भाजपा का मुद्दा भ्रष्टाचार को खत्म करना है। उधर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत्तपाल सिंह सत्ती ने बताया है कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश अपना विजन डॉक्यूमेंट 29 अक्टूबर को शिमला में पीटरहॉफ में जारी करेगी। विजन डॉक्यूमेंट को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली जारी करेंगे। प्रदेश के सभी नेतागण इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने मैनिफेस्टो में हर तबके का ध्यान रखेगी।

प्रचार में उतरे मशहूर गायक हंसराज हंस
इस बीच भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार में तेजी लाते हुये ऊना जिला में मशहूर पंजाबी गायक हंस राज हंस को अपने प्रचार के लिये मैदान में उतारा। हंस राज हंस ने कुटलैहड़ में भाजपा प्रत्याशी वीरेन्दर कंवर के समर्थन में अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में जनसभा को संबोधित किया। यहां बड़ी तादाद में लोग अपने प्रिय गायक से मिलने के लिये आये थे। इससे पहले हंसराज हंस ने कुटलैहड़ के शनि देव मंदिर में माथा भी टेका और पार्टी की जीत के लिए आशीर्वाद लिया।












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