इराक से ताबूत में बंद वापस लौटे 4 हिमाचली, मां-बाप ने नम आंखों से दी विदाई

शिमला। इराक में चार साल पहले रोजी रोटी की खातिर गए हिमाचल के चार युवकों की वतन वापिसी हुई लेकिन वह आज जब अपने घरों में पहुंचे तो ताबूत में लिपटे थे। हालात ऐसे कि देखने वालों की रूह कांप जाये। ताबूत में लिपटे इन शवों की अपनों ने पहचान महज कागज के टुकड़ों से की, न कि उन्हें देख कर। मोसुल में आई.एस. द्वारा मारे गए भारतीयों में हिमाचल के चार युवक भी शामिल थे। मारे गये युवकों में तीन कांगड़ा जिला से हैं, तो एक मंडी का है। जिनमें अमन कुमार निवासी पासु धर्मशाला, संदीप सिंह राणा निवासी फतेहपुर, इंद्रजीत निवासी तहसील देहरी और हेमराज निवासी मंडी शामिल का उनके पैतृक गांव में मंगलवार को पूरे रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। गमगीन महौल में हर तरफ चीख पुकार गूंज रही थी।

shimla 4 deadbodies of indians return to himachal from iraq

कांगड़ा जिला के फतेहपुर से सटे धमेटा के संदीप सिंह राणा का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव में किया गया। बदनसीब माता पुष्पा देवी व पिता दिलावर सिंह ने अपने बेटे को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। उन्होंने कहा कि जवान बहू और छोटे बच्चों पुलकित (10) व रुद्राक्ष (6) का जीवन-यापन कैसे होगा। संदीप के नाबालिग बेटा-बेटी अभी भी टकटकी आंखों से पापा के आने का इंतजार कर रहे हैं। कांगड़ा जिला के देहरा उपमंडल के लंज के पास गांव कदरेटी निवासी इंद्रजीत के पार्थिव अवशेष मंगलवार सुबह प्रशासन द्वारा ले जा कर एसडीएम देहरा धनवीर ठाकुर ने इंदरजीत के परिजनों को सौंपे। पार्थिव अवशेष घर पहुंचने के बाद परिवार वालों ने उन अवशेषों का हिंदू रीति से अग्नि को सुपुर्द कर अंतिम संस्कार किया गया। सरकार की तरफ से एसडीएम देहरा धनवीर ठाकुर ने इंद्रजीत की असमय मौत पर शोकागुल परिजनों से गहरी संवेदना जताते हुए सांत्वना दी और उन्होंने परिवार को सरकार की तरफ से हर यथासंभव सहायता का आश्वासन भी दिया। इंद्रजीत के अंतिम संस्कार में एसडीएम देहरा धनवीर ठाकुर के साथ डीएसपी देहरा एलएम शर्मा, हरिपुर नायब तहसीलदार विजय सिंह, कानूनगो सतविंदर सिंह, पटवारी नरेश कुमार, मोहित महाजन और एसएचओ रानीताल व भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।उनके भतीजे आयुष (8 साल) ने मुखाग्नि दी।

वहीं धर्मशाला के पास पासु के अमन के अवशेषों के अंतिम संस्कार के समय सबकी आंखें नम थी। ताबूत को खोलने की इजाजत नहीं थी इसलिए इसके साथ ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूरा पासु क्षेत्र अमन के अंतिम संस्कार के समय गमगीन था। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। 4 साल के लंबे इंतजार के बाद परिजन अंतिम बार अमन का मुंह भी नहीं देख पाए। पूरे विधि विधान के साथ उसके अवेशष का अंतिम संस्कार किया गया। उधर, मंडी जिा के सुंदरनगर के वॉयला के रहने वाले हेमराज का भी पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार सुबह उनके अवशेष पैतृक गांव पहुंचे थे। अवशेष को देखते ही गांव में आंसूओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हेमराज का शव जिला प्रशासन द्वारा घर पर पहुंचाया गया था।

इससे पहले आज सुबह कांगड़ा मेडिकल कालेज व नुरपुर अस्पताल से चारों शवों के अवशेषों को परिजनों को सपुर्द किया गया। इराक में मारे गए संदीप सिंह राणा के पार्थिव अवशेष नूरपुर अस्पताल में सोमवार को करीब शाम 6 बजे अमृतसर से विशेष एम्बुलेंस से पहुंचे। संदीप सिंह राणा फ तेहपुर तहसील के गांव समकड़ के निवासी थे। नुरपुर नजदीक होने की वजह से उनके अवशेषों को वहां रखा गया था जबकि तीन के अवशेष टांडा के शव गृह में रखे गए थे। बता दें कि प्रदेश के चार युवक वर्ष 2013 में परिवार को गरीबी से उबारने के लिए इराक के मोसुल शहर गए थे। सभी तारिक नूर अलहुदा कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत थे। वर्ष 2014 में आईएसआईएस आतंकियों ने 39 भारतीयों समेत इन चार युवकों के अपहरण के बाद हत्या कर दी थी। 20 मार्च 2018 को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में इनकी हत्या की जानकारी दी। पिछले 12 दिनों से पीडि़त परिवार अपने लाडलों के पार्थिव अवशेषों का इंतजार कर रहे थे। आखिर ताबूत में अपने लाडले लौटे ,लेकिन देखने की हिम्मत किसी में भी नहीं थी। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था।

धर्मशाला के पासू के मारे गये अमन कुमार परिवार अपने लाडले के अवशेष देखने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाया। सूचना मिलने के बावजूद अमन का भाई और उसके माता-पिता पार्थिव अवशेष लेने अमृतसर नहीं गए। पार्थिव अवशेष किस स्थिति में और कैसे लाए जा रहे हैं, यह सोचकर ही परिजनों का दिल दहल जा रहा है। 20 मार्च को इराक के मोसुल में अमन की मौत होने की पुष्टि के बाद उसके घर में मातम छाया हुआ है। रोजाना दर्जनों लोग परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। अमन के भाई रमन कुमार ने बताया कि वे अमृतसर जाने का साहस नहीं जुटा पाए। यहीं पर पार्थिव अवशेष आने का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से अमन के पार्थिव अवशेष सौंपे गये उनके गांव में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।

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