हिमाचल में कोटखाई गैंगरेप-मर्डर पर फिर भड़का लोगों का गुस्सा
गुरुवार को शिमला से लेकर ठियोग तक कोटखाई मामले को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन होते रहे। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी आंदोलन फैलने लगा है।
शिमला। कोटखाई गैंगरेप मर्डर मामले में सीबीआई के कदम के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सरकार को भी संकट में डाल दिया है। लोगों का गुस्सा दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है, जो आने वाले दिनों में बड़े तूफान का इशारा कर रहा है। गुरुवार को शिमला से लेकर ठियोग तक कोटखाई मामले को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन होते रहे। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी आंदोलन फैलने लगा है। धर्मशाला में भी भाजपा ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोला व गुस्साये कार्यकर्ताओं ने सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

सरकार की बर्खास्तगी की मांग
शिमला में सैंकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने डीसी आफिस के बाहर स्थानीय विधायक सुरेश भारद्धाज के नेतृत्व में धरना देकर गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश पुलिस के डीजीपी सोमेश गोयल को हटाने व प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। शिमला में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। वहीं गुड़िया न्याय मंच ने ठियोग बाजार में सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाली व सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये।

लोगों के गुस्से के चलते पुलिस सतर्क
इस बीच सी.बी.आई. के हाथों अधिकारियों की गिरफ्तारियों के बाद लोगों में भड़के गुस्से के चलते पुलिस और सतर्क हो गई है। शिमला में भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किये गये हैं। पुलिस महानिदेशक (डी.जी.पी.) व एस.पी. कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ऐसा पुलिस के खिलाफ होने वाले संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए किया गया है। थाना कोटखाई, ठियोग में भी अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया है। रोहड़ू के एस.डी.पी.ओ. को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। शिमला के रिज मैदान पर भी पुलिस का पहरा लगाया गया, हलांकि वहां अभी तक किसी प्रकार का कोई प्रदर्शन नहीं हुआ। माल व रिज मैदान पर धारा 144 लगाई गई है।

सूरत की हत्या के आरोप में 8 पुलिसवाले गिरफ्तार
एसआईटी प्रमुख आई जैदी के अलावा डीएसपी मनोज कुमार, राजेंद्र सिंह, एएसआई दीपचंद, मोहन लाल, रंजीत सिंह, रफीक अली और सूरत सिंह को सीबीआई ने सूरज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। सभी अधिकारी 7 दिन के सीबीआई रिमांड पर हैं। इन्हें सीबीआई दिल्ली ले गई है। कुछ ओर पुलिस वालों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। सीबीआई ने आज अचानक एसआईटी में शामिल दो और अधिकारियों को दिल्ली बुलाया। जांच एजेंसी ने शिमला के एएसपी भजनदेव नेगी और डीएसपी रतन नेगी पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाने के बाद कोटखाई थाना के दो पूर्व संतरी और एक मुंशी को भी पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया जिससे पुलिस में हड़कंप का माहौल है।

सूरज हत्या मामले में न्यायिक जांच
शिमला में चल रहे धरने प्रदर्शनों के बीच कोटखाई थाने में हुई नेपाली मूल के सूरज की हत्या मामले में ज्यूडिशियल इंक्वायरी भी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने मृतक की पत्नी ममता के बयान भी कलमबद्ध कर लिए हैं। इससे पहले सी.बी.आई. ने बयान लिए थे। उधर, पुलिस महकमे ने थाने के निलंबित एस.एच.ओ., मुंशी और संतरी के खिलाफ डिपार्टमैंट इंक्वायरी चला दी है। शिमला की एस.पी. सौम्या ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि वह कायदे-कानूनों से बंधे हैं। इसके तहत सस्पेंशन मामलों में ऐसी इंक्वायरी होनी लाजिमी होती है। उन्होंने बताया कि इसका मकसद किसी को उत्पीड़ित करना नहीं है लेकिन कानून से ऊपर कोई भी नहीं है।
संतरी की सिक्योरिटी में तैनात कर्मचारी ही करने लगे शिकायत
उधर, निलंबित संतरी की उसकी सिक्योरिटी में तैनात कर्मचारी ही शिकायत करने लगे हैं। पी.एस.ओ. ने शिकायत की है कि संतरी मनमाफिक इधर-उधर जाने को कहता है जबकि उसे पुलिस लाइन में ही रहने को कहा गया है। शिमला की एस.पी. ने इस शिकायत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि संतरी को सुरक्षा प्रदान की गई है लेकिन उसे भी इसके मापदंडों की पालना करना चाहिए। पुलिस चाहती है कि वह सुरक्षित रहे, ऐसे में उसे पुलिस लाइन से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी।












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