CBI छापे से पहले वीरभद्र सिंह ने रखवाए थे मेरे घर में पैसे: सुखराम
शिमला। हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुये वीरभद्र सिंह सरकार में पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा के पिता और पूर्व केन्द्रीय संचार मंत्री, पंडित सुखराम अपने चिरपरिचित राजनीतिक प्रतिद्वंदी वीरभद्र सिंह से आर पार की लड़ाई के मूड में आ गये हैं। उन्होंने सीएम वीरभद्र सिंह पर हमला बोलते हुये कहा है कि उन्हें वीरभद्र सिंह ने षडयंत्र रचा कर फंसाया था।

मंडी में अपने आवास पर आज पत्रकारों को संबोधित करते हुये सुखराम ने कहा कि वीरभद्र सिंह नार्थ इंडिया में सबसे बड़े धोखेबाज और ब्लैकमेलर हैं। उन्होंने दावा किया कि जब वह केन्द्रीय मंत्री थे तो उस दौरान उनके घर पर पैसे रखवाने वाला कोई और नहीं बल्कि वीरभद्र सिंह थे। उन्होंने कहा कि वह कभी आया राम गया राम नहीं रहे बल्कि उन्हें पार्टी से निकाला गया था जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन थामा है।
सुखराम ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने हमेशा दूसरों का इस्तेमाल अपने लाभ के लिए किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में वीरभद्र सिंह ने कौल सिंह ठाकुर को अध्यक्ष पद की कुर्सी से हटाने के लिए एनसीपी में जाने की धमकी पार्टी हाईकमान को दी। उसके बाद हाईकमान ने उन्हें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया। सुखराम ने कहा कि वीरभद्र सिंह जिस प्रकार से अपने फायदे के लिए पार्टी हाईकमान को ब्लैकमेल करते रहे हैं, वह उत्तर भारत के सबसे बड़े ब्लैकमेलर हैं।
पंडित सुखराम ने दावा किया कि वर्ष 1996 में उनके घर छापेमारी के दौरान मिले पैसों के पीछे भी वीरभद्र सिंह की ही साजिश थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष सीता राम केसरी को वीरभद्र सिंह ने पैसों के साथ उनके घर भेजा था और यह कहकर पैसे रखवाए थे कि यह पार्टी फंड है लेकिन बाद में छापा डलवाकर उनके खिलाफ साजिश रची जबकि वह उस वक्त विदेश में थे और उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। सुखराम ने कहा कि आजकल वीरभद्र सिंह खुद इस प्रकार के मामलों में फंसे हुए हैं। पंडित सुखराम ने दावा किया कि अब वह भाजपा के साथ हैं और कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके सभी समर्थक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं।












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