तेलंगाना के सांसद की हिमाचल प्रदेश में अचानक हुई मौत
पी. गोवर्धन रेड्डी रसायन एवं उर्वरक से संबंधित संसद की स्थायी समिति के अन्य सदस्यों के साथ शुक्रवार सुबह ही कुल्लू पहुंचे थे जहांं उनकी तबित अचानक बिगड़ गई।
शिमला। स्टडी टूअर पर हिमाचल आये सांसदों को उस समय मातम झेलना पड़ा जब उनके साथ आये सांसद की मौत हो गई। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे।

मिली जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा सांसद पालवई गोवर्धन रेड्डी की हृदय गति रुकने से हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के भुंतर में मौत हो गई। वह तेलंगाना के रहने वाले रेड्डी कांग्रेस से संबंधित थे, वह 25 सदस्यीय सांसदों के दल के साथ आज सुबह ही दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा भुंतर पहुंचे थे।
सांसदों का यह दल कुल्लू-मनाली में स्टडी टूअर पर पहुंचा था। पालवई गोवर्धन रेड्डी की तबियत हवाई जहाज में भी बिगड़ी थी पर जैसे ही उनका जहाज भुंतर हवाई अड्डे पर लैंड हुआ तो तबियत कुछ ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद 81 वर्षीय रेड्डी को सड़क मार्ग द्वारा कुल्लू अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि वह शुगर से भी पीड़ित थे। डीसी कुल्लू युनूस के मुताबिक उनके शव को गृह राज्य तेलंगाना पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। पालवई गोवर्धन रेड्डी राज्यसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। रेड्डी का जन्म 20 नवंबर, 1936 को हुआ था। उनके पिता का नाम पी रंगा रेड्डी था। शुरुआत में वे छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़े रहे। बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में कई अहम पदों पर रहते हुए काम किया । वह नलगोंडा जिले के मुनुगुदा विधानसभा क्षेत्र से पांच बार आंध्रप्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और इसके बाद वह मार्च 2012 में राज्यसभा के लिए नामांकित हुए थे।
डीसी कुल्लू युनूस ने बताया कि रसायन एवं उर्वरक से संबंधित संसद की स्थायी समिति के सदस्य एवं तेलंगाना से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पी. गोवर्धन रेड्डी का शुक्रवार सुबह क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में हृदय गति रुक जाने से देहांत हो गया।
पी. गोवर्धन रेड्डी रसायन एवं उर्वरक से संबंधित संसद की स्थायी समिति के अन्य सदस्यों के साथ शुक्रवार सुबह ही कुल्लू पहुंचे थे। सुबह करीब साढे आठ बजे भुंतर हवाई अड्डे पर उतरते ही रेडडी की तबियत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया था। दिवंगत पी. गोवर्धन रेड्डी के पार्थिव शरीर को हैदराबाद ले जाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। आनंदराव अडसूल की अध्यक्षता में संसद की यह स्थायी समिति हिमाचल प्रदेश के करीब एक सप्ताह के प्रवास के लिए शुक्रवार सुबह कुल्लू पहुंची थी।












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