कोटखाई गैंगरेप: पुलिस पर भी घूमी शक की सुई, CBI ने की पूछताछ
कोटखाई की स्कूली छात्रा से गैंगरेप और मर्डर मामले की जांच कर रही सीबीआई की एसआईटी टीम ने जिस तरीके से शिमला के पूर्व एसपी डी.डब्ल्यू. नेगी से भी पूछताछ की है।
शिमला। कोटखाई की स्कूली छात्रा से गैंगरेप और मर्डर मामले की जांच कर रही सीबीआई की एसआईटी टीम ने जिस तरीके से शिमला के पूर्व एसपी डी.डब्ल्यू. नेगी से भी पूछताछ की है। इस पूछताछ के बाद अब पुलिस हिरासत में आरोपी सूरज की हत्या को लेकर पुलिस वालों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। सीबीआई कोटखाई की स्कूली छात्रा से गैंगरेप मर्डर मामले के साथ आरोपी सूरज की हत्या के मामले की जांच भी कर रही है।

सूत्रों के अनुसार इस सिलसिले में सी.बी.आई. को अहम सुराग हाथ लगे हैं। सीबीआई के जांच दल को पता चला है कि थाने में आधी रात को पुलिस के एक अधिकारी ने हवालात में अकेले में सूरज से पूछताछ की थी। बाद में उसे थाने के एक कमरे में ले गए, जहां उसे थर्ड डिग्री दी गई। कहा जा रहा है कि आरोपी को घसीटते हुए वापस हवालात में बंद कर दिया। सुबह हुई तो सूरज का अंत हो चुका था। सीबीआई मान कर चल रही है कि हवालात में सूरज की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई व अगले दिन सबूतों को नष्ट किया गया। सीबीआई की जांच ने हिमाचल पुलिस के हलक सुखा कर रख दिये हैं।
उस दिन शिमला के तत्कालीन एस.पी. डी.डब्ल्यू. नेगी ने हत्या के बाद एसएचओ, मुंशी और संतरी को सस्पेंड कर दिया था। संतरी के अलावा मुंशी के बयान भी काफी मायने रखेंगे। एस.पी. ने कहा था कि सूरज की हत्या आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू की हाथापाई के कारण हुई। बाद में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का भी बयान आया था। उस बयान में कहा गया था कि सूरज के गुप्तांग पर चोटें पहुंचने के कारण मौत हुई। एस.पी. ने कहीं भी इसका जिक्र नहीं किया था। थाना कोटखाई में इस संबंध में राजू के खिलाफ एक और मामला दर्ज हुआ था। स्कूली छात्रा से गैंगरेप मर्डर मामले में भी पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी माना लेकिन सी.बी.आई. दोनों मामलों में पुख्ता सबूत जुटाने के बाद ही उसे आरोपी मानेगी। अगर संतरी ने सी.बी.आई. को बयान में पुलिस की कहानी से हटकर कुछ और उगला तो फिर जांच की दिशा ही बदल जाएगी। इस केस में कोटखाई थाने के पूर्व एस.एच.ओ. की भूमिका की सी.बी.आई. जांच कर रही है।
वहीं इस मामले में सीबीआई ने शिमला के पूर्व एसपी.डी.डब्ल्यू. नेगी से भी पूछताछ की है। मौजूदा समय में वह विजीलेंस के एस.पी. हैं। उन्हें सरकार का सबसे भरोसेमंद अधिकारी माना जाता है। सूत्रों का कहना है कि सी.बी.आई. की एस.आई.टी. के एडिशनल एस.पी. रैंक के अधिकारी ने इनसे कई सवाल पूछे। उनसे गुडिय़ा केस व हवालात में हुई आरोपी सूरज की हत्या के बारे में पूछताछ हुई। सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि सूरज की मौत के बाद बिगड़े हालात को संभालने में पुलिस की क्या भूमिका रही।












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