JP Nadda Bio: कभी जेपी नड्डा से मिलने से कतराते थे हिमाचल के नेता, कैसे बने चुनाव में भाजपा के अहम किरदार?

शिमला, 9 मई। इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में हिमाचल की राजनीति का एक अहम किरदार जगत प्रकाश नड्डा हैं। जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के ताकतवर नेताओं में शुमार हैं। नड्डा भले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हों, लेकिन मौजूदा दौर में हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उनका दबदबा किसी से छिपा नहीं हैं। एक वक्त था , जब प्रदेश में शांता कुमार धूमल की जोड़ी भाजपा की रीति व नीति तय करती थी लेकिन आज वक्त बदला है। बदले हालातों में जो कभी नड्डा को हाशिये पर लाने के तिकड़म भिडाते थे, वह आज नड्डा के ही रहमोकरम पर अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रहे हैं।

How BJP president Jp Nadda became important in Himachal election

कभी हाशिए पर थे भाजपा में जेपी नड्डा
कुछ अरसा पहले उन्हें हिमाचल की राजनीति से हाशिये पर धकेल दिया तो वह समय ऐसा था। जब शिमला से लेकर बिलासपुर तक लोग नड्डा से मिलने को कतराते थे। ताकि सत्ताधारी नेता नाराज न हो। लेकिन वक्त बदला और नड्डा भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक हो गये। उनकी अहमियत इसी बात से समझी जा सकती है कि उन्होंने अपने हिमाचल प्रवास के दौरान अपने बेबाक अंदाज में कह दिया कि आने वाले चुनावों में इस बार 15 प्रतिशत विधायकों के टिकट कटेंगे। नड्डा के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। प्रदेश भाजपा सरकार के मंत्रियों सहित कई विधायक इस बात को लेकर चिंतित बताये जा रहे हैं कि कहीं टिकट उनका तो नहीं कट रहा । टिकट काटे जाने के फार्मूले के बीच नड्डा की बदौलत ही मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को अभयदान मिल गया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगला चुनाव जय राम ठाकुर के नेतृत्व में ही लड़ जायेंगे। ठाकुर नड्डा के करीबी है।

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एबीवीपी के सदस्य के तौर पर राजनीति में कदम रखा
जगत प्रकाश नड्डा का ताल्लुक भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य से है। वह बिलासपुर से ताल्लुक रखते हैं। हैं। गौरतलब है कि नड्डा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य तौर पर राजनीति में कदम रखा था और इसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा में शामिल हुए। नड्डा बाद में हिमाचल विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और मंत्रिपद की भी जिम्मेदारी निभाई। संगठन के अनुभवी नेता नड्डा को मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री बनाया गया और वह 2014 से 2019 तक मंत्री रहे।

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पटना विश्वविद्यालय के कुलपति थे नड्डा के पिता
जगत प्रकाश नड्डा को हिमाचल ही नहीं देश के बीजेपी के ताकतवर नेताओं में गिना जाता है। ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले जगत प्रकाश नड्डा का जन्म 2 दिसंबर सन् 1960 में बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। जगत प्रकाश नड्डा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा और बी.ए की डिग्री पटना के कॉलेज से हासिल की है। वहीं एलएलबी की डिग्री हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से प्राप्त की है। उनके पिता और माता का नाम डॉ नारायण लाल नड्डा और कृष्णा नड्डा है। नड्डा के पिता नारायण लाल नड्डा पटना विश्वविद्यालय के कुलपति थे। वहीं सन् 1991 में जगत प्रकाश नड्डा ने मल्लिका नड्डा से विवाह किया , जो कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में बतौर प्रोफेसर कार्य करती हैं। वहीं मल्लिका नड्डा के पिता जबलपुर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। जगत प्रकाश नड्डा और मल्लिका नड्डा के दो बच्चे हैं।

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जेपी आंदोलन में लिया हिस्सा
जगत प्रकाश नड्डा के राजनीति सफर की शुरूआत साल 1975 में जेपी आंदोलन से हुई थी। देश के सबसे बड़े आंदोलनों में गिने जानेवाले इस आंदोलन में जगत प्रकाश नड्डा ने भी भाग लिया था। इस आंदोलन में भाग लेने के बाद जगत प्रकाश नड्डा बिहार की बीजेपी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में शामिल हो गए थे। जिसके बाद उन्होंने 1977 में अपने कॉलेज में छात्र संघ का चुनाव लड़ा था। और इस चुनाव को जीतकर वो पटना विश्वविद्यालय के सचिव बन गए थे। वहीं पटना विश्वविद्यालय से स्नातक होने के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में एलएलबी की पढ़ाई शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भी छात्र संघ का चुनाव लड़ा और उसमें जीत हासिल की। बीजेपी द्वारा नड्डा को साल 1991 में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था।

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1993 में बने बिलासपुर सीट से विधायक
साल 1993 में जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा की बिलासपुर सीट से चुनाव लड़ा और इस सीट पर अपनी जीत दर्ज की। जिसके बाद उन्हें प्रदेश की विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया था। इसी तरह उन्होंने साल 1998 और साल 2007 में इस सीट से फिर चुनाव लड़ा और जीता हासिल की। वहीं उनको इस दौरान प्रदेश की कैबिनेट में भी जगह दी गई। उन्हें साल 1998 में हिमाचल प्रदेश का स्वास्थ्य मंत्रालय दिया गया और साल 2007 में वो वन पर्यावरण और संसदीय मामलों के मंत्री रहे।

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नड्डा को राज्यसभा में भाजपा ने भेजा
जिस तरह से जगत प्रकाश नड्डा ने बीजेपी पार्टी के लिए कार्य किया, उसे देखते हुए पार्टी ने जगत प्रकाश नड्डा को हिमाचल प्रदेश की ओर से राज्यसभा में भेजा । इसके अलावा वो परिवहन, पर्यटन और संस्कृति पर बनी समिति के सदस्य भी रहे हैं। नड्डा ने कई देशों का दौरा भी किया है, जिनमें अमेरिकी, कोस्टा रिका, कतर, कनाडा, ग्रीस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के नाम शामिल है. इन देशों में जाकर जेपी नड्डा ने यहां पर किए जाने वाले चुनाव प्रक्रिया, स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली और इत्यादि चीजों का अध्ययन किया।

2014 में बने मोदी कैबिनेट में मंत्री
जगत प्रकाश नड्डा को 2014 में मोदी द्वारा उनकी कैबिनेट में बतौर मंत्री चुना गया। नड्डा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के स्वास्थ्य मंत्रालय की बागडोर सौंप दी। जेपी नड्डा से पहले इस मंत्रालय को संभालने की पूरी जिम्मेदारी डॉक्टर हर्षवर्धन के पास थी। वहीं नड्डा को सरकार द्वारा दी गई ये नई जिम्मेदारी को लेकर काफी विवाद भी हुआ था। जहां डॉ हर्ष वर्धन को बीजेपी के इस फैसले से काफी धक्का लगा था। वहीं आम आदमी पार्टी ने मोदी के इस फैसले पर कई सवाल उठाए थे। आम आदमी पार्टी का आरोप था कि एम्स के मुख्य सतर्कता अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को हटाने के पीछे नड्डा का हाथ था। गौरतलब है कि चतुर्वेदी ने एम्स के शीर्ष अधिकारियों से जुड़े घोटालों में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। जिसके बाद नड्डा ने हर्ष वर्धन को हटाने की सिफारिश की थी।

अमित शाह के बाद नड्डा के हाथ में बीजेपी की बागडोर
साल 2016 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा एनईईटी परीक्षा पर लिए गए एक फैसले को लेकर काफी हंगामा हुआ । दरअसल सरकार द्वारा बनाए गए एनईईटी परीक्षा से जुड़े एक अध्यादेश के मुताबिक सभी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और संस्थान को एनईईटी के दायरे के अंतर्गत लिया गया था । जिसका काफी विरोध हुआ। अमित शाह के बाद अब बीजेपी की बागडोर जे पी नड्डा के हाथों में दे दी । नड्डा के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। सबकी निगाहें उन पर हैं कि कैसे वो बीजेपी को नयी ऊंचाई तक ले जायेंगें।

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