हिमाचल प्रदेश की 42 सीटों पर महिला मतदाताओं ने वोटिंग में पुरुषों को पछाड़ा, नतीजों पर पड़ेगा क्या असर ?
Himachal Pradesh election result: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार वोटों की गिनती के दौरान बड़ा उलटफेर हो सकता है। क्योंकि करीब दो-तिहाई सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले ज्यादा वोटिंग की है। भारतीय चुनावों में आमतौर पर यह ट्रेंड रहा है कि महिला वोटर किसी भावनात्मक मुद्दे पर ज्यादा वोटिंग करती हैं। लेकिन, इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं ने किस पार्टी को वोट दिया है, इसका अनुमान लगाना फिलहाल कठिन है। वैसे भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख दावेदार दलों ने महिलाओं के समर्थन मिलने के दावे किए हैं। नतीजे तो 8 दिसंबर को ही आएंगे।

हिमाचल में वोटिंग में महिलाएं पुरुषों से आगे निकलीं
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की कुल 68 सीटें हैं। उनमें से 42 सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले ज्यादा संख्या में मतदान किया है। राज्य में महिला वोटरों की तादाद वैसे तो 49.5% है, लेकिन लगता है कि कई पार्टियों की ओर से जो चुनावी 'रेवड़ियों' का ऐलान किया गया है, उसने बड़ी संख्या में महिला वोटर मतदान केंद्रों तक जाने के लिए प्रोत्साहित हुई हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक निर्वाचन विभाग से विधानसभा सीटों के आधार पर जो आंकड़े निकाले गए हैं, उसके अनुसार महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले 4.4% ज्यादा वोट डाले हैं।

7 सीटों पर महिलाओं के 5,000 से भी ज्यादा वोट पड़े
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए 12 नवंबर को हुई वोटिंग में मतदान का कुल प्रतिशत 75.6 दर्ज किया गया था। आंकड़े बतातें हैं कि 7 विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं के वोट पुरुष मतदाताओं के मुकाबले 5,000 से भी ज्यादा पड़े हैं। पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला वोटरों ने सबसे ज्यादा वोटिंग जोगिंदर नगर सीट पर की है, जहां उनके 8,189 ज्यादा वोट पड़े हैं। इसी तरह सुलह में यह अंतर 6,276, जयसिंहपुर में 6,048, बड़सर में 6,035, भोरंज में 5,882, नादौन में 5,536 और सुजानपुर में 5,613 वोटों का है।

82,301 ज्यादा महिलाओं ने किया मतदान
इसी तरह 11 सीटें ऐसी हैं जहां महिलाओं के वोट पुरुषों के मुकाबले 3,000 से लेकर 5,000 तक ज्यादा पड़े हैं। ये सीटें हैं- बैजनाथ (4,962), ज्वालामुखी (4,856), जवाली (4,477), धरमपुर (3,985), देहरा (3,923), फतेहपुर (3,638), हमीरपुर (3,520), नगरोटा (3,489), पालमपुर (3,381) और शाहपुर (3,334)। आंकड़ों के मुताबिक जहां कुल 2,788,925 (72.4%) पुरुषों ने वोट दिए हैं, वहीं 2,101,483 (76.8%) महिलाओं ने वोट दिए हैं। इस तरह हिमाचल प्रदेश में इसबार पुरुष वोटरों की तुलना में 82,301 ज्यादा महिलाओं ने मतदान किया है। जबकि, राज्य में कुल 24 महिला उम्मीदवारों की तुलना में पुरुष प्रत्याशियों की संख्या 412 है।

कांग्रेस-बीजेपी कर रहे हैं अपने पक्ष में दावे
आंकड़े बतातें हैं कि महिलाओं की ज्यादा तादाद में वोटिंग से 22 विधानसभा क्षेत्रों में बड़ा उलटफेर हो सकता है। तीन विधानसभा क्षेत्रों जयसिंहपुर (अनुसूचित जनजाति), भोरंज (अनुसूचित जाति) और जुब्बल कोटखाई में महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। बाकी 19 में महिला-पुरुष मतदाताओं के वोट में 1,000 से कम का अंतर है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों ने दावा किया है कि महिलाओं का वोट उनके हक में गया है और उनकी जीत सुनिश्चित हो गई है।

कांग्रेस को समर्थन के लिए निकलीं महिलाएं- कांग्रेस नेता
डलहौजी से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि बढ़ती महंगाई और खराब शासन के चलते महिलाएं बड़ी संख्या में कांग्रेस को समर्थन के लिए निकली हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के कार्यकाल में शराब का इस्तेमाल बढ़ा है, जिससे मुख्यतौर पर महिलाएं प्रभावित होती हैं। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए देने का वादा किया है। दूसरी तरफ भाजपा ने 'स्त्री शक्ति संकल्प' कार्यक्रम के तहत महिलाओं के लिए 11 वादे किए हैं।

महिलाओं का वोट निश्चित तौर पर भाजपा को- बीजेपी नेता
शाहपुर से बीजेपी उम्मीदवार और राज्य की मौजूदा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा है, 'यह अच्छा संकेत है कि महिलाएं बड़ी संख्या में बाहर निकली हैं और जिस पार्टी को उनका ज्यादा वोट मिलेगा, वह फायदे में रहेगी।' वो बोलीं, 'महिलाएं निश्चित तौर पर भाजपा को वोट देंगी, जिसने उनके सशक्तिकरण के लिए काफी कुछ किया है और यहां तक कि एक अलग घोषणापत्र का ऐलान किया है।' हिमाचल प्रदेश में 8 दिसंबर को गुजरात के साथ मतगणना कराई जाएगी।












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