हिमाचल में आसमानी आफत से 32 लोगों की हुई मृत्यु, छह लापता और 12 घायल
हिमाचल में आसमानी आफत से 32 लोगों की हुई मृत्यु, छह लापता और 12 घायल
शिमला, 23 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ की वजह से अब तक 32 लोगों की जान चली गई है। वहीं, छह लोग अभी भी लापता है, तो वहीं करीब 12 लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। 32 लोगों की मृत्यु की पुष्टि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में हुई है। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण लोगों के निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है।

बता दें कि हिमाचल में जो तबाही हुई है उसने पिछले कई साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। भारी बारिश की वजह से बाढ़ और भूस्खलन की मार अब हिमाचल प्रदेश झेल रहा है। बारिश की वजह से शिमला, मनाली, मंडी, कांगड़ा और चंबा जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। बादल फटने और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में अभी तक प्रदेश में कुल 32 लोगों की जान जा चुकी है। इन सबके बीच हिमाचल प्रदेश एसडीआरएफ ने बताया है कि प्रदेश का टूरिस्ट प्लेस धर्मशाला बारिश की मार से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां बारिश ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
बता दें कि धर्मशाला के अलावा मंडी जिले में भारी बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। मंडी के थुनाग इलाके में मलबे के नीचे 16 लोग दब गए, जिसमें से 13 की मौत हो गई। इनमें से 8 लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया है कि पिछले 24 घंटे के अंदर भारी बारिश की वजह से 36 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं में 10 लोग घायल हुए हैं, जबकि 6 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इन घटनाओं पर प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है।
इस दौरान मंत्रिमण्डल की बैठक लेते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग एडवांस की दरों, पात्रता और अधिकतम सीमा में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की। एचबीए की अधिकतम सीमा अब मूल वेतन का 25 गुणा होगी। इसमें अधिकतम 15 लाख रुपए तक के नए निर्माण या नए घर एवं फ्लैट की खरीद और राशि चुकाने की क्षमता की शर्त लागू रहेगी। मंत्रिमंडल ने कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को राहत के रूप में न्यूनतम 55000 रुपए और अधिकतम 1.50 लाख रुपए का प्रावधान करने का निर्णय लिया। अनुबंध कर्मचारियों के परिजनों के लिए न्यूनतम 35000 और अधिकतम एक लाख रुपए की राशि प्रदान की जाएगी।
मंत्रिमण्डल ने प्रदेश के निचले और मध्य क्षेत्रों के किसानों को लाभान्वित करने के लिए निजी भूमि से खैर के पेड़ों के कटान की नीति की समीक्षा करने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक के दौरान कांगड़ा जिला के राजकीय महाविद्यालय थुरल में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 10 पदों को भरने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रिमण्डल ने बिलासपुर जिला के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के उच्च विद्यालय ठठल जंगल को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला और मंडी जिला के अनाह तथा खाबलेच के मिडल स्कूलों को हाई स्कूलों के रूप में अपग्रेड करने के साथ-साथ आवश्यक पदों के सृजन का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिला के भोरंज विधानसभा क्षेत्र के बराड़ा गांव में आवश्यक पदों के सृजन के साथ नया आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा कांगड़ा जिला के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव सोगट में तीन पदों के सृजन सहित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला में जल शक्ति विभाग के धर्मशाला जोन के अन्तर्गत भवारना में विभिन्न श्रेणियों के अपेक्षित पदों के सृजन के साथ नया जल शक्ति वृत्त कार्यालय खोलने को स्वीकृति प्रदान की।मंत्रिमण्डल ने सोलन जिला के डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में अनुबंध आधार पर गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 60 पदों को भरने का निर्णय लिया।












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