PICs: भारत में 'मिनी इजरायल' उजड़ने की कगार पर, HC ने ठहराया अवैध
यही नहीं यहां हो रहे सेक्स व नशे के कारोबार पर भी अदालत ने गहरी चिंता जताई है। प्रशासन को इसके ऊपर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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शिमला। मिनी इजरायल के रूप में पहचान बना चुका हिमाचल प्रदेश का कसोल अब प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद उजड़ने की कगार पर है। जिससे यहां रुके इजरायलियों में भय का महौल है। यहां रह रहे इजरायली अब वापस अपने देश लौटने लगे हैं। दरअसल कुल्लू जिले के कसोल को तो इजरायल से आए पर्यटकों ने अपनी मनपसंद सैरगाह बना लिया और बीच जंगल में देखते ही देखते एक समृद्ध कस्बा यहां बस गया। लेकिन इसके लिए किसी ने भी उस समय कायदे कानूनों की कोई परवाह नहीं की। यही वजह है कि हिमाचल हाईकोर्ट का अब आदेश आया तो सारा कसोल ही अवैध निकला। कसोल को वन भूमि पर बसाया गया था। यही नहीं यहां हो रहे सेक्स व नशे के कारोबार पर भी अदालत ने गहरी चिंता जताई है। प्रशासन को इसके ऊपर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

42 होटलों की बिजली-पानी के कनेक्शन कटे
प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद चली कार्रवाई में अब तक कसोल में 42 होटलों की बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। जिससे कसोल की गुलजार होने वाली चांदनी रातें अंधेरे में तबदील हो गई हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद यहां रह रहे इजरायली नागरिकों में भय का महौल है। इजरायली अब अपने देश वापिस लौटने लगे हैं। बताया जा रहा है कि अभी और भवनों, होटलों, गेस्ट हाउसों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान भी इस तरह की कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। इस बड़ी कार्रवाई से अवैध भवन, होटल, रेस्तरां, ढाबा व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालकों में हड़कंप मच गया है। कसोल में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में अन्य इलाकों में भी कई अवैध भवनों के मालिकों पर इस तरह की गाज गिर सकती है। दूसरी ओर जिस प्रकार एनजीटी ने 1700 होटलों की जांच पर पैनल गठित करने के आदेश दिए हैं, उससे भी सैंकड़ों और होटलों की बिजली-पानी बंद होने के आसार हैं।

जंगल में आकर इजराइलियों ने बसाई बस्ती
कसोल में हुई कार्रवाई के बाद जिला कुल्लू के विभिन्न हिस्सों के लोगों के भी हाथ-पांव फूले हुए हैं। बिजली-पानी कनेक्शन कट जाने के बाद होटल के तौर पर चल रहे यह भवन अब भूत बंगले जैसे हो गए हैं। एस.डी.एम. कुल्लू सन्नी शर्मा की अध्यक्षता में हुई कार्रवाई के दौरान 44 होटल व अन्य भवन अवैध पाए गए थे। इनमें से 2 भवन मालिकों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए और इस वजह से बिजली-पानी बंद होने से ये बच गए। अन्य 42 ना तो किसी तरह के कोई दस्तावेज दिखा पाए और ना ही होटल, रेस्तरां, गैस्ट हाउस व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान चलाने के अनुमति पत्र प्रस्तुत कर पाए। इस वजह से इन पर गाज गिर गई।

नक्शे पास करवाए बिना ही बने कई भवन
हाईकोर्ट ने अपने आदेशों में विशेष तौर पर कसोल का जिक्र करते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। कुल्लू के डी.सी. को इस संदर्भ में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। हाईकोर्ट की सख्ती से हरकत में आए प्रशासन ने कसोल में 31 भवनों पर कार्रवाई करते हुए बिजली-पानी बंद कर दिया। कसोल में नक्शे पास करवाए बिना ही कई भवन खड़े किए गए हैं। ऐसे कई और भवनों पर कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद मणिकर्ण और अन्य इलाके राडार पर रहेंगे। 42 भवनों की बिजली-पानी के कनेक्शन कटना एक बहुत बड़ी संख्या है। हालांकि कसोल कस्बा इतना बड़ा भी नहीं है। इससे बड़े कस्बों में तो और अधिक गड़बड़ियां पाए जाने की प्रशासन को आशंका है। कसोल कस्बे में लगभग 150 बीघा के करीब मलकीयत भूमि है और इतनी बड़ी संख्या में अवैध भवन हैं। जहां मलकीयत भूमि 1000 बीघा से अधिक हो तो वहां इससे भी कहीं ज्यादा भवन अवैध पाए जा सकते हैं।

1700 होटलों के खिलाफ होगी जांच
दूसरी ओर जब गठित पैनल 1700 होटलों के खिलाफ जांच करेगा तो भी सैकड़ों होटलों के नपने की आशंका है। कसोल में बिजली-पानी के कनेक्शन कटते समय सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग की टीम भी साथ गई थी। एस.डी.एम. कुल्लू सन्नी शर्मा ने बताया कि कसोल में 42 होटलों, भवनों, गैस्ट हाऊस, रेस्तरां व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटे गए हैं। 2 भवन मालिकों ने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए जिस वजह से उनके बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं काटे गए। अन्य इलाकों में भी अभियान जारी रहेगा।












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