हिमाचल प्रदेश: बंदर पकड़ो और पैसा कमाओ, सरकार ने शुरू की योजना

शिमला। अगर आप बेरोजगार हैं व आपको काम धंधा नहीं मिल पा रहा है तो आप हिमाचल प्रदेश सरकार की एक खास योजना में अपनी किस्मत आजमा कर पैसा कमा सकते हैं। इसके लिए आपको अचूक निशाने या फिर बंदर पकड़ने का हुनर आना चाहिए। दोनों ही सूरतों में आपको पैसा मिलेगा। प्रदेश के कई इलाकों में इन दिनों बंदरों के आतंक से लोगों का पैदल चलना फिरना तक मुश्किल हो जाता है, तो कई स्थानों पर बंदर फसलों को उजाड़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में करीब सवा तीन लाख बंदर हैं। उत्पाती बंदरों ने लोगों के नाक में दम कर रखा है। बंदरों के आतंक के चलते किसान व बागवान खेतों व बगीचों से खुद को दूर रखने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ऐसे में सरकार बंदरों को काबू कर उनकी नसबंदी करा रही है। इससे बेरोजगारों को रोजगार भी मिल रहा है और समस्या का समाधान भी हो रहा है।

हिमाचल प्रदेश: बंदर पकड़ो और पैसा कमाओ, सरकार ने शुरू की योजना

केंद्र सरकार ने वन्यजीव अधिनियम ए 1972,1972 का 53 की धारा 62 के अंतर्गत बंदरों को पीड़क जंतु घोषित किया है। इसके तहत लोगों को बंदर मारने की इजाजत है। इसके लिए उन्हें 500 रुपए ईनाम के रूप में दिए जाएंगे लेकिन बंदर मारने के बाद वन विभाग की टीम की देखरेख में मारे गए बंदर को जमीन के अंदर दफनाना होगा। लोग धार्मिक विश्वास के चलते बंदरों को मारना नहीं चाहते, लेकिन नई योजना के तहत बंदर पकड़ कर विभाग के हवाले किए जा रहे हैं। सरकार की बंदर पकड़ने की योजना के सार्थक परिणाम सामने आए हैं। बंदर पकड़ने के काम में खासतौर से बेरोजगार युवक जुटे हुए हैं व पैसा कमा रहे हैं।

प्रदेश के वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर बताते हैं कि बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए ही आवारा बंदरों को पकड़ने की योजना कुछ साल पहले बनाई गई थी। जिसका अच्छा खासा लाभ प्रदेश को हुआ है। बंदरों की गणना से पता चला है कि राज्य में बंदरों की आबादी घट रही है। उधर, वन्यजीव विभाग का अनुमान है कि बंदरों की वजह से 9 लाख किसान प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने बंदरों की नसबंदी के लिए सात केंद्र स्थापित किए हैं। इन प्रत्येक केंद्रों की वार्षिक क्षमता 5,000 है। इसी तरह के दो और केंद्रों की स्थापना करने की योजना है। नर बंदरों की नसबंदी थर्मोकैट्रिक कॉगलेटिव वैसेक्टॉमी और मादा बंदरों की नसबंदी एन्डोस्कॉपिक थर्मोकॉट्रिक ट्यूबेक्टॉमी तकनीक से की जाती है।

ये भी पढ़ें- राजस्थान: एसीपी के घर में घुस चोरों ने लूट को दिया अंजाम, सास को किया मौत के हवाले

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+