हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017: सीट नंबर 39 बड़सर (अनारक्षित) विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानिए
शिमला। बड़सर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सीट नंबर 39 है। हमीरपुर जिला में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनारक्षित है। यह क्षेत्र साल 2008 में, विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के अनुसरण में अस्तित्व में आया। 2012 में इस क्षेत्र में कुल 75,582 मतदाता थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में इन्दर दत्त लखनपाल इस क्षेत्र के विधायक चुने गए।

प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर इसी चुनाव क्षेत्र में आता है। धौलगिरी पर्वत पर बाबा विराजमान हैं। यहां साल भर देश दुनिया से बाबा के दर्शनों को श्रद्धालु आते हैं। इस वजह से यह इलाका विकसित हुआ है। राजनैतिक तौर पर बड़सर पर नजर दौड़ाई जाये तो यह 2008 के डिलिमिटेशन में अस्तित्व में आया व 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर इंदर दत्त लखनपाल ने पहली बार चुनाव लड़ा व जीता भी।

पहले यह चुनाव क्षेत्र नदौनता के नाम से जाना जाता था। डिलिमिटेशन के दौरान नदौनता का नाम बड़सर हो गया। पुराने नदौनता की गलोड़ बैल्ट नादौन चुनाव क्षेत्र में चली गई। तो पुराने मेवा हल्के की छह पंचायतें बड़सर में मिलीं। यह इलाका पूरी तरह ब्राहम्ण मतदाताओं के दबदबे वाला क्षेत्र है। ब्राहम्ण व राजपूत मतदाता एकजुट होकर विधायक चुनते हैं। लेकिन राजेन्दर जार व मंजीत डोगरा की लड़ाई के चलते कांग्रेस हमेशा नुक्सान उठाती रही है। वहीं भाजपा में बलदेव शर्मा विभिन्न कारणों से खासे बदनाम रहे हैं।
बड़सर से अभी तक चुने गये विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2012 इन्दर दत्त लखनपाल कांग्रेस

लखनपाल को राजनिति विरासत में नहीं मिली
एक साधारण परिवार में जन्में बड़सर के विधायक इंन्दर दत्त लखनपाल पहली बार चुनाव मैदान में उतरे व जीत गये। 55 वर्षीय लखनपाल ग्रेजूयेट हैं। उनका एक बेटा व एक बेटी है। कई बार रक्त दान कर चुके हैं। व इससे पहले शिमला नगर निगम में पार्षद भी रहे। उसके बाद कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश संगठक रहे। 2012 में चुनाव जीते व सरकार ने उन्हें मुख्य संसदीय सचिव बनाया।












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