Himachal By Election Result 2024: हिमाचल प्रदेश की तीनों सीटों पर कम मतदान, किसे होगा नुकसान?
Himachal Pradesh By Election: हिमाचल प्रदेश की तीनों विधानसभा सीटों पर बुधवार को हुए उपचुनाव में मतदान के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2022 के विधानसभा चुनावों की तुलना में कम वोटिंग हुई है। मतदाताओं के ठंडे रवैए से मुख्य तौर पर कांग्रेस और बीजेपी की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
राज्य में 10 जुलाई को देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए वोटिंग हुई थी, जिसके नतीजे 13 जुलाई यानी शनिवार को आएंगे। तीनों सीटों पर उपचुनाव निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे की वजह से हुए हैं, जो अपनी-अपनी सीटों पर इस बार भाजपा के टिकट पर भाग्य आजमा रहे हैं।

देहरा में पिछली बार से 5.62% कम मतदान
सबसे ज्यादा चर्चा देहरा सीट को लेकर हो रही है। यहां हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर कांग्रेस की उम्मीदवार हैं। इसकी वजह से खुद सीएम की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
देहरा में इस बार सिर्फ 65.42% वोटिंग हुई है, जो कि 2022 के विधानसभा चुनाव के 71.04% मतदान की तुलना में 5.62% कम है। देहरा में सीएम की पत्नी के खिलाफ बीजेपी के होशियार सिंह मैदान में हैं।
देहरा में आएंगे चौंकाने वाले परिणाम?
इस वजह से सुक्खू ही नहीं, पूरी कांग्रेस पार्टी के लिए यह सीट महत्पूर्ण है। पार्टी ने प्रचार के दौरान यहां पूरी ताकत झोंक दी थी, फिर भी मतदाताओं का उत्साह फीका रहा है, जिससे कांग्रेस की चिंता बढ़नी स्वाभाविक है। देहरा सीट हमीरपुर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जहां भाजपा के बड़े नेता अनुराग ठाकुर ने इस बार भी बड़ी जीत दर्ज की है।
उपचुनाव के अच्छे रिजल्ट से उत्साहित है कांग्रेस
लेकिन, कांग्रेस के लिए उत्साहित होने वाली बात ये है कि लोकसभा चुनावों में भले ही हिमाचल की चारों सीटें फिर बीजेपी के खाते में चली गई हो, लोकसभा चुनावों के साथ हुए 6 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में उसने दो-तिहाई यानी 4 सीटों पर बाजी मारी है।
हमीरपुर में बीजेपी की स्थिति हो सकती है मजबूत?
देहरा की तरह हमीरपुर सीट पर भी उपचुनाव में 2022 के मुकाबले 4.31% कम मतदान हुआ है। यहां बीजेपी ने निर्दलीय विधायक के तौर पर इस्तीफा देने वाले आशीष शर्मा को ही उतारा है तो कांग्रेस ने डॉ. पुष्पिंदर वर्मा पर दांव खेल रखा है।
यहां बीजेपी की उम्मीदें दो वजहों से बढ़ी हुई हैं। एक तो भाजपा यहां से लोकसभा चुनाव जीती है। वहीं 2022 में अगर बीजेपी और आशीष शर्मा के प्रदर्शन को मिलाकर देखा जाए, तो कांग्रेस का पलड़ा बहुत ही कमजोर दिखता है। लेकिन, कम मतदान से किसका गणित बिगड़ेगा यह कहना भी मुश्किल है।
नालागढ़ में भी सत्ताधारी दल को मिली है तगड़ी चुनौती!
देहरा और हमीरपुर के मुकाबले नालागढ़ विधानसभा में ज्यादा वोटिंग हुई है। लेकिन, 2022 की तुलना में यहां भी उपचुनाव में 2.85% मतदान हुआ है।
नालागढ़ में भी हमीरपुर वाला ही सीन है। बल्कि यहां तो 2022 में निर्दलीय जीतने वाले केएल ठाकुर की बीजेपी से उम्मीदवारी की वजह से वह कांग्रेस उम्मीदवार हरदीप सिंह बावा पर काफी भारी पड़ सकते हैं। हालांकि, अंतिम नतीजे तो वोटों की गिनती के बाद ही मालूम होंगे।
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नतीजे कुछ भी आएं, कांग्रेस की सरकार फिलहाल सुरक्षित
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की 68 सीटें हैं। इनमें से 3 सीटें खाली हैं, जिसके लिए उपचुनाव करवाए गए हैं। कांग्रेस इनमें से 38 सीटों के साथ बहुमत में है। वह तीन में जितनी भी सीटें जीतेगी, उसकी स्थिति और भी मजबूत होनी तय है। अगर उसे सीटें नहीं भी मिलतीं तो भी कांग्रेस सरकार की सेहत पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है।












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