Himachal Pradesh TB News: हिमाचल में 13 हजार TB के मरीज, जांच दर राष्ट्रीय औसत से 4 गुना
हिमाचल प्रदेश में टीबी (क्षयरोग) के खिलाफ लड़ाई में सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की मिशन निदेशक प्रियंका वर्मा के अनुसार, अब तक लगभग 13,000 टीबी मरीजों की पहचान की गई है।
टीबी के मामलों को खत्म करने के लिए शुरुआती निदान का महत्व सबसे ज़्यादा है। हिमाचल प्रदेश की टीबी परीक्षण दर, राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है, जो इस समस्या से निपटने की दिशा में राज्य के प्रयासों को दर्शाती है।

मीडिया सत्र में टीबी चैंपियंस का योगदान
हाल ही में, टीबी चैंपियंस, आशा कार्यकर्ताओं, केमिस्टों और ग्राम सभा नेताओं के अनुभवों पर एक मीडिया जुड़ाव सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य टीबी के उन्मूलन के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना और मीडिया को इस लड़ाई में सहयोगी बनाना था। इसमें राज्य क्षयरोग प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने संयुक्त राष्ट्र क्षयरोग संघ के साथ मिलकर काम किया।
सत्र में, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि टीबी के खिलाफ सामूहिक प्रयास और जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत बनाने की आवश्यकता
राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत, टीबी के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत बनाना प्राथमिकता दी गई है। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, नैदानिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।
प्रियंका वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि हिमाचल प्रदेश की प्रगति की तुलना राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर से की जानी चाहिए, ताकि बेहतर योजनाएं बनाई जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी है कि वे टीबी से संबंधित सही और सटीक जानकारी प्रसारित करें, जिससे जागरूकता फैल सके।
सरकार की कई योजनाएं शुरू
टीबी को खत्म करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें सबसे प्रमुख संडे एक्टिव केस फाइंडिंग (ACF) अभियान है, जिसके तहत आशा कार्यकर्ता हर हफ्ते कमजोर आबादी की जांच करते हैं। 2023 में इस पहल के तहत 23 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच की गई, जिनमें से 219 लोगों में टीबी का निदान हुआ।
सरकार ने 27 सरकारी विभागों को इस बहु-क्षेत्रीय प्रयास में शामिल किया है, जिससे टीबी मुक्त पंचायतों की संख्या भी बढ़ी है। अब तक 723 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा, केमिस्ट एंगेजमेंट पहल और अस्पतालों में इनडोर वार्ड स्क्रीनिंग जैसी अन्य महत्वपूर्ण पहलें भी की जा रही हैं, जिनके माध्यम से हजारों संभावित टीबी मामलों की पहचान हो चुकी है।
सोशल मीडिया जागरूकता अभियान
टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया है। इस अभियान में प्रभावशाली व्यक्तियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, ताकि वे टीबी उन्मूलन के संदेश को और अधिक लोगों तक पहुंचा सकें। इसका उद्देश्य जनता की भागीदारी को बढ़ावा देना है, जिससे टीबी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने टीबी उन्मूलन के लिए जो प्रयास किए हैं, वे सराहनीय हैं। शुरुआती निदान, जागरूकता अभियान, और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से राज्य टीबी को खत्म करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इन पहलों के जरिए हिमाचल प्रदेश न सिर्फ टीबी उन्मूलन के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है, बल्कि वह देशभर के लिए एक आदर्श भी बन रहा है।












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