हिमाचल में आसमां से बरसी आफत: मानसूनी तबाही में 75 लोगों की मौत, 10,000 मुर्गियां और 168 मवेशी भी खत्म
Himachal Monsoon Disaster: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने इस बार भारी तबाही मचाई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 जून से 4 जुलाई के बीच हिमाचल में अब तक कुल 75 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 45 मौतें बारिश और उससे जुड़े हादसों में हुईं, जबकि सड़क दुर्घटनाओं, करंट लगने और गैस विस्फोट जैसी घटनाओं में 30 लोगों की जान गई।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार हिमाचल प्रदेश आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले पखवाड़े में पूरे प्रदेश में भीषण तबाही हुई है। 288 लोग घायल हुए हैं। सार्वजनिक परिसंपत्तियों और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का अनुमान करीब 541 करोड़ रुपये लगाया गया है।

बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में मंडी जिला शामिल है, जहां शुक्रवार तक मौतों की संख्या 14 हो गई। मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन के मुताबिक, थुनाग, करसोग-गोहर और धरमपुर सब-डिवीजन में हालात बेहद गंभीर हैं। 30 जून और 1 जुलाई की रात आए बादल फटने से 31 लोग लापता हैं।

"कई गांव पूरी तरह से तबाह हो गए। लोगों के घर, पशु, दुकानें और अनाज सब कुछ बह गया। सड़कों, बिजली के तारों, पेयजल पाइपलाइनों और मोबाइल नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुंचा," उपायुक्त ने बताया।
उन्होंने कहा, "लोगों के पास कुछ भी नहीं बचा-न घर, न खाना, न बिजली। कई परिवारों ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी।"

बारिश के अलावा, राज्य के अलग-अलग जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में 27 लोगों की मौत हुई है। सबसे ज्यादा जानें चंबा (6) और कुल्लू (3) में गईं।
तूफानी बारिश ने न केवल इंसानी जान-माल का नुकसान किया, बल्कि पशुपालन और कृषि को भी तगड़ा झटका दिया है। करीब 10,000 मुर्गियां और 168 मवेशी मारे गए। हजारों हेक्टेयर खेतों और बागानों में फसलें बर्बाद हो गई हैं। नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है।

सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही, आपदा राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने भूस्खलन संभावित और निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।












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