कोटखाई केस: हिमाचल हाईकोर्ट ने सीबीआई को तीन सप्ताह का समय दिया
सीबीआई ने ब्रेन मैपिंग और अन्य तरह की जांच के लिए कोर्ट से समय मांगा व दलील दी कि तमाम औपचारिकतायें पूरी करने के लिये समय दिया जाये।
शिमला। कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस में आज केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने हिमाचल हाईकोर्ट में इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट दायर की। सीबीआई ने ब्रेन मैपिंग और अन्य तरह की जांच के लिए कोर्ट से समय मांगा व दलील दी कि तमाम औपचारिकतायें पूरी करने के लिये समय दिया जाये। अदालत ने सीबीआई को जांच लंबी खींचने के लिये फटकार लगाई। इस दौरान अदालत ने सीबीआई को तीन सप्ताह का समय दिया। अब इस केस के जांच की रिपोर्ट सीबीआई 11 अक्टूबर को कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट ने सीबीआई को रिपोर्ट को थोड़ा स्पष्ट करने का भी आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2 अगस्त, 17 अगस्त, 6 सितंबर को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाकर 21 सितंबर को जांच की अंतिम रिपोर्ट पेश करने को कहा। सूत्रों की मानें तो गुड़िया मामले की जांच अभी भी पूरी नहीं हो सकी है और घटना से जुड़े कई पहलुओं पर जांच चल रही है लेकिन सीबीआई की जांच आगे बढ़ रही है।

आईजी समेत आठ पुलिसकर्मियों की कस्टडी बढ़ी
उधर कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस के आरोपी सूरज की हवालात में हत्या मामले में हिमाचल पुलिस के आईजी जहूर जैदी सहित आठ पुलिसकर्मियों की ज्यूडिशियल कस्टडी की अवधि और बढ़ गई है। बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आरोपियों की पेशी हुई जिसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि आरोपी सूरज की हवालात में हत्या मामले में आईजी जहूर एच जैदी समेत 8 पुलिसवालों की न्यायिक हिरासत बुधवार को पूरी हो गई।

मामले में कहां तक पहुंची सीबीआई जांच
इससे पहले कोर्ट ने पूर्व आईजी जहूर एच जैदी, कोटखाई के पूर्व डीएसपी मनोज जोशी, पूर्व एसएचओ राजेंद्र सिंह समेत आठ पुलिसवालों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत पर भेजा था। इनकी न्यायिक हिरासत का समय 20 सितंबर को ही पूरा होना था। वहीं सीबीआई इस केस में की गई छानबीन की स्टेट्स रिपोर्ट 21 सितंबर को हिमाचल हाईकोर्ट में पेश करेगी। सीबीआई ने ब्रेन मैपिंग और अन्य तरह की जांच के लिए कोर्ट से दो सप्ताह का समय मांगा था। कोर्ट ने भी उनको इतना समय दे दिया था। अब यह समय 21 सितंबर को पूरा हो रहा है।

क्या है मामला
सूरज की हत्या के मामले में 19 जुलाई, 2017 को कोटखाई थाने में आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर (नंबर 101/2017) दर्ज की गई थी। इस मामले में आईजी जहूर जैदी, डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह, एएसआई दीपचंद, तीन हैड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रसिक मोहम्मद और कांस्टेबल रंजीत को गिरफ्तार किया था। सीबीआई का आरोप है कि सूरज हत्याकांड को पुलिस कर्मियों ने ही अंजाम दिया और इस मामले की जांच को बनाई गई एसआईटी के प्रमुख आईजी जैदी ने न केवल असलियत को छिपाने में अहम भूमिका निभाइ बल्कि हत्या का इल्जाम एक-दूसरे पर थोप दिया।












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