'ना उदयपुर संकल्प अपनाया , ना नए चेहरों को मौका मिला', हिमाचल में वीरभद्र सिंह समर्थकों को मिली तरजीह
Himachal pradesh congress candidates list: हिमाचल कांग्रेस ने आज आखिर अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी। जिसमें भले ही वीरभद्र समर्थकों को ज्यादातर टिकट मिल गये हों, लेकिन बंजार, चौपाल और पच्छाद में वीरभद्र सिंह समर्थकों के टिकट कटने से बगावत का माहौल तैयार हो गया है। पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों को एक बार फिर मैदान में उतार दिया। जबकि दो बार चुनाव हार चुके नेताओं को पार्टी ने मौका देने से मना कर दिया है। आज पहली लिस्ट में 46 प्रत्याशी घोषित हुए हैं। 22 चुनाव क्षेत्रों की लिस्ट कल जारी हो सकती है।

कांग्रेस पार्टी ने इस बार हिमाचल में उदयपुर संकल्प और प्रस्तावों पर अमल करने के बजाय ज्यादातर पुराने चेहरों पर ही विश्वास जताते हुये उन्हें एक बार फिर से मैदान में उतार दिया है। जिनमें बीस मौजूदा विधायक भी हैं। हालांकि पार्टी इससे पहले बड़े जोर शोर से युवा चेहरों को मौका देने की बात करती रही है। लेकिन दो विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद इसका जोखिम पार्टी नहीं ले पाई। टिकट वितरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का दबदबा देखने को मिला है। ज्यादातर उनके समर्थकों को टिकट मिल गया है। हालांकि चौपाल , बंजार और पच्छाद में प्रतिभा सिंह अपने समर्थकों को टिकट नहीं दिला पाईं हैं। इसी तरह हमीरपुर जिला के भोरंज , बिलासपुर के झंडूता में वीरभद्र समर्थकों को टिकट नहीं मिल पाया है।
चौपाल में पिछला चुनाव हारे सुभाष मंगलेट ने अपना टिकट कटते ही बगावत कर दी हैं। और वह निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे हैं। चौपाल से कांग्रेस पार्टी ने पार्टी महासचिव रजनीश खिमटा को मैदान में उतारा है। खिमटा कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला के करीबी है। और उनका अपना हेलीकॉप्टर है। दिल्ली दरबार में उनकी पहुंच के चलते उन्हें टिकट मिल गया है। जबकि सिरमौर जिला की पच्छाद सीट पर भी घमासान मच गया है। यहां गंगू राम मुसाफिर का टिकट कट गया है। और उनकी जगह भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुईं दयाल प्यारी को मैदान में उतारा गया है।
मुसाफिर समर्थकों ने इसका विरोध किया है। दयाल प्यारी को भी दिल्ली से ही टिकट मिला है। बताया जा रहा है कि मुसाफिर को लगातार दो चुनाव हारने की वजह से टिकट नहीं मिला है। कुल्लू जिला की बंजार सीट पर हाल ही में भाजपा से कांग्रेस में आये खीमी राम को टिकट दिया है। बंजार में राज परिवार के सदस्य पूर्व मंत्री कर्ण सिंह के बेटे टिकट के दावेदार थे। यहां भी अब विरोध हो रहा है। भोरंज में प्रेम कौशल टिकट की दौड़ में पिछड़ गये और सुक्खू समर्थक सुरेश कुमार को टिकट मिल गया है। भोरंज में कांग्रेस पार्टी लगातार चुनाव हारती रही है। जिसमें दोनों ही नेता कारण रहे हैं। नाहन से अजय सोलंकी , मंडी सदर से पूर्व मंत्री कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर और झंडूता से विवेक कुमार नये चेहरे हैं।
प्रदेश में 68 सीटें हैं और 2017 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा को बड़ी जीत मिली थी। तब भाजपा को 44 सीटों पर जीत हासिल हुई थी । और उसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी वह चारों सीटें जीतने में कामयाब रही थी। लेकिन, बीते साल नवंबर में हुए उपचुनाव में भाजपा तीन विधानसभा सीटों और मंडी लोकसभा सीट पर उपचुनाव में बुरी तरह हारी। राज्य ने अब तक कोई सरकार नहीं दोहराई है।
हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में कांग्रेस के 20 विधायक हैं। इनमें हरोली से मुकेश अग्निहोत्री, नादौन से सुखविंद्र सिंह सुक्खू, नयनादेवी से रामलाल ठाकुर, सोलन से धनीराम शांडिल, डलहौजी से आशा कुमारी, सुजानपुर से राजेंद्र राणा, बड़सर से इंद्र दत्त लखनपाल, पालमपुर से आशीष बुटेल, किन्नौर से जगत सिंह नेगी,कुल्लू से सुंदर सिंह ठाकुर,कसुम्पटी से अनिरुद्ध सिंह, शिमला ग्रामीण से विक्रमादित्य सिंह, जुब्बल कोटखाई से रोहित ठाकुर,अर्की से संजय अवस्थी, रामपुर से नंदलाल, रोहड़ू से मोहनलाल ब्राक्टा, फतेहपुर से भवानी सिंह पठानिया, रेणुका से विनय कुमार, शिलाई से हर्षवर्धन चौहान और ऊना सदर से सतपाल सिंह रायजादा हैं। मौजूदा विधायकों का टिकट तय हो गया है। और उन्हें दोबारा चुनाव में उतारा जा रहा है।












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